Maharashtra Loan Waiver: महाराष्ट्र सरकार किसानों के लिए शुरू की गई ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना 2026’ का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है. इसके तहत लगभग 5.75 लाख ऐसे किसानों को शामिल किया जा सकता है, जो 2017 और 2019 में घोषित कर्जमाफी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए थे. दरअसल, साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृषि विभाग को इस प्रस्ताव पर काम करने के निर्देश दिए हैं. माना जा रहा है कि इन अतिरिक्त किसानों को शामिल करने से राज्य सरकार पर करीब 1,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. यह राशि पहले से घोषित 36,585 करोड़ रुपये की योजना के बजट के अलावा होगी.
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार के कैबिनेट नोट में खुद माना गया कि योजना में तय की गई पात्रता शर्तों के कारण लाभार्थियों की संख्या सीमित रहेगी और इससे सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा. कैबिनेट नोट के इस खुलासे ने विपक्ष के उन आरोपों को और मजबूत किया था, जिनमें कहा गया था कि बड़ी संख्या में संकटग्रस्त किसान इस कर्जमाफी योजना से बाहर रह सकते हैं. वहीं, रिपोर्ट सामने आने के एक दिन बाद कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरने ने संकेत दिया था कि सरकार योजना की कुछ पात्रता शर्तों पर दोबारा विचार कर सकती है, ताकि ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके.
5.75 लाख किसानों को किया जाएगा शामिल
उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर कैबिनेट में चर्चा की जा सकती है. यही वजह है कि यह प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में रखा गया, जहां मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को इसके विस्तृत विवरण तैयार करने के निर्देश दिए. योजना में ऐसे लगभग 5.75 लाख किसानों को शामिल करने की बात है, जो पहले की कर्जमाफी योजनाओं से वंचित रह गए थे. इससे राज्य सरकार पर करीब 1,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है.
2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी मिल सकती है
गौरतलब है कि 2 जून को राज्य कैबिनेट ने 36,585 करोड़ रुपये की ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना’ को मंजूरी दी थी, जिससे लगभग 55.72 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है. इस योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए फसल ऋण को पात्र माना जाएगा. जिन किसानों पर 30 सितंबर 2025 तक बकाया फसल कर्ज होगा, उन्हें अधिकतम 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी मिल सकती है. वहीं, जो किसान समय पर अपने कर्ज का भुगतान करते रहे हैं, उन्हें सरकार की तरफ से अधिकतम 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा. वहीं, जिन किसानों का कर्ज 2 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें पहले 2 लाख रुपये से ऊपर की राशि खुद चुकानी होगी. इसके बाद शेष 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा.
इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना में जमीन की कोई सीमा तय नहीं की गई है. इसके अलावा, महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ती योजना के तहत पहले मदद ले चुके और बाद में फिर कर्ज में फंसने वाले किसानों तथा पुनर्गठित कर्ज वाले किसानों को भी लाभ मिलेगा. हालांकि, कुछ लोग इस योजना से बाहर रहेंगे. इनमें वे लोग शामिल हैं जिनकी मासिक आय 25,000 रुपये से ज्यादा है, आयकर देने वाले, 25,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने वाले, वर्तमान या पूर्व जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी.