मक्का भंडारण में न करें ये गलती, वरना दाने हो जाएंगे काले! फंगस से बचने के लिए तुरंत अपनाएं ये तरीका
Maize Farming Tips: मक्का की सही तरीके से तुड़ाई और भंडारण नहीं करने पर दानों में फंगस लग सकती है और वे काले पड़ सकते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, मक्का की तुड़ाई तभी करनी चाहिए जब भुट्टे भूरे होने लगें और दानों की नमी 13 प्रतिशत से कम हो.
Maize Storage Tips: मक्का की खेती किसानों के लिए अच्छी आमदनी का जरिया मानी जाती है, लेकिन फसल तैयार होने के बाद उसका सही भंडारण करना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. हर साल कई किसानों को इस वजह से नुकसान उठाना पड़ता है, क्योंकि मक्का के दानों में नमी रह जाती है और उनमें फंगस लगने लगती है. फंगस लगने के बाद दाने काले पड़ जाते हैं, उनकी क्वालिटी खराब हो जाती है और बाजार में सही कीमत नहीं मिल पाती.
इतना ही नहीं, खराब मक्का इंसानों और पशुओं की सेहत के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है. ऐसे में जरूरी है कि किसान भंडारण से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें, ताकि मेहनत की फसल लंबे समय तक सुरक्षित रह सके.
सही समय पर करें मक्का की तुड़ाई
कई किसान जल्दी मुनाफे के चक्कर में समय से पहले मक्का की तुड़ाई कर लेते हैं, जो बाद में नुकसान का कारण बनती है. एक्सपर्ट के अनुसार जब खेत में लगे भुट्टों का रंग भूरा होने लगे, तभी तुड़ाई करनी चाहिए. यह इस बात का संकेत होता है कि मक्का करीब 75 से 80 प्रतिशत तक सूख चुका है. अगर इससे पहले तुड़ाई कर ली जाए, तो दानों में नमी ज्यादा बनी रहती है और फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है.
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धूप में अच्छी तरह सुखाना है बेहद जरूरी
तुड़ाई के बाद मक्का को सही तरीके से सुखाना सबसे अहम कदम माना जाता है. कई बार किसान भुट्टों को एक जगह ढेर लगाकर छोड़ देते हैं, जिससे अंदर नमी बनी रहती है और कीड़े या फंगस लगने लगते हैं. बेहतर होगा कि भुट्टों को साफ और सूखी जगह पर फैलाकर रखा जाए, ताकि उन पर अच्छी तरह धूप पड़ सके. तुड़ाई के बाद कम से कम 10 से 12 दिनों तक मक्का को अच्छी तरह सुखाना चाहिए.
अगर खेत में धूप कम आ रही हो, तो भुट्टे के ऊपर का हिस्सा काटकर हटाया जा सकता है. इससे सीधी धूप भुट्टों तक पहुंचती है और वे जल्दी सूख जाते हैं. कटे हुए हिस्से का इस्तेमाल पशुओं के चारे के रूप में भी किया जा सकता है.
भंडारण स्थान सूखा और सुरक्षित होना चाहिए
मक्का को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम या भंडारण कक्ष का सूखा और साफ होना बहुत जरूरी है. अगर कमरे में सीलन होगी या कहीं से पानी का रिसाव होगा, तो दानों में नमी आने लगेगी और फंगस तेजी से फैल सकती है. इसलिए भंडारण से पहले यह सुनिश्चित करें कि गोदाम पूरी तरह साफ हो, वहां हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था हो और फर्श पर नमी बिल्कुल न हो. मजबूत और सुरक्षित भंडारण स्थान मक्का को लंबे समय तक खराब होने से बचाता है.
दानों की नमी पर रखें खास नजर
मक्का से दाने निकालते समय यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि उनमें नमी 13 प्रतिशत से ज्यादा न हो. ज्यादा नमी वाले दाने जल्दी खराब हो जाते हैं और उनमें फफूंदी लगने की संभावना बढ़ जाती है.
इसके अलावा दानों की सफाई भी जरूरी है. सूखी पत्तियां, भूसी या भुट्टे के छोटे अवशेष बाद में नमी सोख लेते हैं, जिससे पूरा स्टॉक खराब हो सकता है. इसलिए भंडारण से पहले दानों को अच्छी तरह साफ करना चाहिए.
थोड़ी सावधानी से बच सकता है बड़ा नुकसान
मक्का भंडारण में छोटी सी लापरवाही किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है. सही समय पर तुड़ाई, पर्याप्त धूप में सुखाना, नमी नियंत्रण और सुरक्षित भंडारण जैसी आसान तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं. इससे न सिर्फ दानों की गुणवत्ता बनी रहती है, बल्कि बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है.