Mushroom Farming: 40 डिग्री गर्मी में भी होगी जबरदस्त पैदावार! ये देसी जुगाड़ अपनाएं और कमाएं तगड़ा मुनाफा!

Mushroom Ki Kheti: गर्मी में मशरूम की खेती तापमान बढ़ने से प्रभावित होती है, लेकिन सही उपाय अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है. पुआल की छत, जूट के बोरे, पानी का छिड़काव और सही वेंटिलेशन से ठंडा माहौल बनाकर किसान गर्मियों में भी अच्छी पैदावार और मुनाफा कमा सकते हैं.

नोएडा | Updated On: 27 Apr, 2026 | 09:50 PM

Mushroom Farming: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही खेती और पशुपालन दोनों पर असर पड़ने लगता है. तेज धूप और बढ़ता तापमान न सिर्फ इंसानों, बल्कि फसलों को भी नुकसान पहुंचाता है. इसी तरह मशरूम की खेती भी गर्मी में सबसे ज्यादा प्रभावित होती है, क्योंकि इसके लिए नियंत्रित और ठंडा वातावरण जरूरी होता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, अगर तापमान ज्यादा बढ़ जाए, तो उत्पादन घट सकता है. लेकिन सही तकनीक अपनाकर किसान गर्मियों में भी मशरूम की सफल खेती कर सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं.

मशरूम के लिए सही तापमान कितना होना चाहिए?

डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, मशरूम की खेती के लिए अलग-अलग स्टेज पर अलग तापमान की जरूरत होती है, लेकिन सामान्य तौर पर 25 से 38 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त माना जाता है. समस्या तब आती है जब गर्मियों में तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच जाता है. ऐसे में अगर तापमान को कंट्रोल न किया जाए, तो मशरूम की ग्रोथ रुक सकती है और उत्पादन में गिरावट आ सकती है.

मशरूम की खेती की खास बात यह है कि इसे कम निवेश में शुरू किया जा सकता है. लगभग 20 पॉलिथीन स्पॉन तैयार करने में 1000 से 1500 रुपये तक का खर्च आता है. हालांकि इसमें मेहनत और सही वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी होता है, खासकर गर्मी के दिनों में.

पुआल की छत से रखें ठंडक बरकरार

गर्मी में तापमान कम करने के लिए आप धान की पुआल (पैरा) का इस्तेमाल कर सकते हैं.

इस तरीके से कमरे का तापमान करीब 4-5 डिग्री तक कम किया जा सकता है, जिससे मशरूम की ग्रोथ बेहतर होती है.

जूट के बोरे से बनाएं नेचुरल कूलिंग सिस्टम

अगर आपके पास पुराने जूट के बोरे हैं, तो उन्हें फेंकने के बजाय इस्तेमाल करें. इन बोरों को मशरूम वाले कमरे की दीवारों पर लगाएं और दिन में 2-3 बार पानी का छिड़काव करें. यह तरीका कमरे को ठंडा रखने में मदद करता है और अंदर की नमी भी बनाए रखता है, जो मशरूम के लिए बेहद जरूरी है.

क्रॉस वेंटिलेशन का रखें ध्यान

ताजी हवा का आना-जाना भी बहुत जरूरी है. इसके लिए सुबह और शाम के समय खिड़कियां खोलें. दोपहर में खिड़कियां बंद रखें ताकि गर्म हवा अंदर न आए. इससे अंदर का तापमान संतुलित रहता है और मशरूम की गुणवत्ता बनी रहती है. मशरूम की खेती में नमी (ह्यूमिडिटी) का बहुत बड़ा रोल होता है. अगर वातावरण सूखा हो गया, तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है. इसलिए समय-समय पर पानी का छिड़काव करना जरूरी है, ताकि नमी बनी रहे और मशरूम सही तरीके से विकसित हो सके.

कैसे बढ़ेगी आपकी कमाई?

अगर आप गर्मियों में भी सही तकनीक अपनाकर मशरूम की खेती करते हैं, तो बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है.

ये सभी कारण इसे एक अच्छा बिजनेस विकल्प बनाते हैं.

Published: 27 Apr, 2026 | 11:30 PM

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