गन्ना किसानों को बड़ी राहत, खेतों के पास मिलेंगी बेहतर पौध.. नर्सरी लागत का 75 फीसदी खर्च उठाएगी सरकार

बिहार के मुजफ्फरपुर में किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाली गन्ने की पौध उपलब्ध कराने के लिए दो आधुनिक नर्सरियां बनाई जाएंगी. मीनापुर में बनने वाली इन नर्सरियों से हर साल करीब 5 लाख पौधे तैयार होंगे. सरकार लागत का 75 फीसदी सब्सिडी देगी. अक्टूबर से गन्ने की शीतकालीन बुवाई शुरू होगी. इस पहल से खेती का रकबा, पैदावार और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है.

नोएडा | Updated On: 31 Aug, 2026 | 02:46 PM

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के किसानों को अब खेतों के पास ही गन्ने की अच्छी गुणवत्ता वाली पौध मिल सकेगी. इसके लिए मीनापुर प्रखंड में दो आधुनिक गन्ना नर्सरी बनाने की योजना है. इन नर्सरियों में हर साल करीब 5 लाख गन्ने के पौधे तैयार किए जाएंगे. खास बात यह है कि इन नर्सरियों का निर्माण और संचालन किसान खुद करेंगे. सरकार इसकी लागत का 75 फीसदी हिस्सा सब्सिडी के रूप में देगी, जबकि चयनित किसानों को बाकी 25 फीसदी खर्च उठाना होगा. वहीं, इस पहल से किसानों को समय पर बेहतर पौध मिलने के साथ जिले में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.

मुजफ्फरपुर में दो गन्ना नर्सरियों के लिए किसानों का चयन

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, योजना के तहत मीनापुर प्रखंड के झिटकहियां गांव के किशोर कुमार सिंह और प्रसाद गांव के पंकज कुमार को गन्ने की नर्सरी विकसित करने के लिए चुना गया है. दोनों नर्सरियां करीब 8,000 वर्गफीट जमीन पर तैयार की जाएंगी. कृषि विभाग के मुताबिक, दोनों नर्सरियों से हर साल करीब 5 लाख गन्ने के पौधे तैयार होंगे. एक एकड़ में गन्ने की खेती  के लिए करीब 10 हजार पौधों की जरूरत होती है. इस हिसाब से दोनों नर्सरियां हर साल जिले में 20-25 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में गन्ने की खेती बढ़ाने में मदद कर सकती हैं.

स्थानीय स्तर पर अच्छी पौध मिलने से गन्ने की पैदावार बढ़ने की उम्मीद

गन्ना विकास विभाग के सहायक निदेशक ने कहा है कि आधुनिक नर्सरी बनाने का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर अच्छी गुणवत्ता वाली गन्ने की पौध उपलब्ध कराना है. इससे गन्ने की पैदावार बढ़ाने और जिले में गन्ने पर आधारित उद्योग को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है. मुजफ्फरपुर जिले के 124 गांवों में गन्ने की खेती होती है. मोतीपुर, कांटी, साहेबगंज और मीनापुर प्रखंड के कई गांवों में किसान गन्ना उगाते हैं. नई नर्सरियों से इन क्षेत्रों के किसानों को अपने आसपास ही बेहतर गुणवत्ता वाली पौध मिल सकेगी.

अक्टूबर से शुरू होगी गन्ने की बुवाई, किसानों को मिलेगी सब्सिडी

कृषि विभाग के मुताबिक, मुजफ्फरपुर जिले में गन्ने की शीतकालीन बुवाई अक्टूबर से शुरू होगी. गन्ने की खेती करने के इच्छुक किसानों को उन्नत किस्म की पौध खरीदने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जाएगी. विभाग का लक्ष्य बेहतर गुणवत्ता वाली पौध उपलब्ध कराकर जिले में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाना है. इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ जिले के गन्ना आधारित उद्योग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

Published: 31 Aug, 2026 | 02:43 PM

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