महिलाओं के लिए बिहार सरकार लाई रोजगार योजना, सितंबर से खाते में आएंगे 10 हजार रुपये

बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार पिछले बीस वर्षों से महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं.

नोएडा | Updated On: 29 Aug, 2025 | 02:07 PM

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) से पहले राज्य सरकार ने एक और तोहफा देते हुए महिलाओं को खुश कर दिया है. बिहार कैबिनेट ने महिला रोजगार योजना को मंजूरी दे दी है. योजना के तहत पात्र महिलाओं को 10 हजार रुपये सहायता राशि के रूप में उपलबध कराए जाएंगे. पहली किस्त सितंबर महीने में मिलेगी. राज्य सरकार का उद्देश्य है कि महिलाओं को सशक्त किया जाए, इसके लिए रोजगार शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये तक का लोन भी दिया जाएगा. इसके अलावा पंचायत स्तर पर विवाह मंडपों का निर्माण भी कराया जाएगा.

बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू कर दी गई है. पहली किस्त सितंबर से मिलेगी और इस किस्त में महिलाओं को 10,000 रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार के लिए कारोबार या उद्यम शुरू करने के लिए 2 लाख तक सहायता दी जाएगी. डिप्टी सीएम ने कहा कि योजना के जरिए 1.4 करोड़ से अधिक महिलाओं की जीविका का रास्ता खुलेगा और उनका जीवनस्तर बेहतर होगा.

बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पिछले बीस वर्षों से महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. उन्होंने बताया कि महिलाओं के सुझाव के आधार पर पंचायत स्तर पर विवाह मंडपों के निर्माण का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है.

मुख्य सचिव ने कहा कि 2016 में लागू की गई शराबबंदी में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है. इसके अलावा छात्राओं को विशेष सहायता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि, और 2006 में विश्व बैंक से लोन लेकर ‘जीविका’ योजना की शुरुआत जैसे कई प्रयास महिला सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए किए गए हैं.

महिला रोजगार योजना की मुख्य बातें

  1. सितंबर 2025 से योजना का क्रियान्वयन शुरू होगा.
  2. पात्र महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.
  3. यह राशि वापस नहीं करनी होगी.
  4. जरूरत के अनुसार महिलाओं को अधिकतम 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकेगी.
  5. योजना का संचालन जीविका समूह के माध्यम से किया जाएगा.
  6. ग्रामीण विकास विभाग इसका क्रियान्वयन करेगा और जल्द ही विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगा.
  7. महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए हाट-बाजारों का विकास भी किया जाएगा.
Published: 29 Aug, 2025 | 02:06 PM