भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर किसानों का विरोध अब तेज होता जा रहा है. किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने इस समझौते को तीन कृषि कानूनों से भी ज्यादा खतरनाक बताया है. उनका कहना है कि अगर इस ट्रेड डील में खेती को शामिल किया गया, तो देश के छोटे और मध्यम किसान बड़े विदेशी किसानों और कंपनियों से मुकाबला नहीं कर पाएंगे. विरोध के तहत 23 मार्च को कुरुक्षेत्र के पिपली अनाज मंडी में बड़ी किसान-मजदूर रैली का ऐलान किया गया है. किसान संगठनों ने ट्रेड डील रद्द करने, MSP की कानूनी गारंटी और कर्ज माफी की मांग की है.
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