Haryana News: हरियाणा में पिछले महीने से हर हफ्ते बारिश और ओलावृष्टि हो रही है. इससे रबी फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. इस दौरान किसानों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है. ए़डवाइजरी में कटी हुई गेहूं और सरसों की फसल को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखने के लिए कहा गया है. इससे होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है.
कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह बारिश रबी फसल की कटाई के समय हो रही है, जिससे गेहूं की खड़ी फसल और खुले में रखी उपज को नुकसान का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई गेहूं और सरसों की फसल को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखें या अच्छे तिरपाल से ढक दें. फल और सब्जियों की फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए अस्थायी कवर का इस्तेमाल करें.
साथ ही कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि इस दौरान सिंचाई और खाद डालने से बचें, ताकि खेतों में पानी भरने और फसल गिरने की समस्या न हो. इसके अलावा मंडियों में रखे अनाज को ऊंचे प्लेटफॉर्म पर रखें, ताकि बारिश के पानी से नुकसान न हो.
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17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
दरअसल, IMD ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि हरियाणा में एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आया है. सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, बिजली चमकने और ओलावृष्टि हुई. इसी बीच IMD ने 17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी दी है.
मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश 8 अप्रैल को अपने चरम पर रहेगी और 9 अप्रैल से धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगी. इस बारिश से गर्मी से थोड़ी राहत मिली है और दिन का तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री कम रहने की संभावना है, लेकिन अगले 24 घंटों तक तेज आंधी और गरज-चमक का खतरा बना हुआ है. प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर ही रहें और तेज हवा के समय पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचें.
इन जिलों में बारिश
इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, नारनौल, महेंद्रगढ़, पलवल, हिसार, भिवानी, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, अंबाला, करनाल, जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों में देखने को मिल सकता है. वहीं, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सोमवार देर रात तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश हुई, जिससे तापमान अचानक गिरकर 14 से 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं, फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
भूपिंदर सिंह हुड्डा की सरकार से मांग
वहीं, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि राज्य में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पकी हुई फसलों को काफी नुकसान हुआ है. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि सरकार तुरंत फसल नुकसान का आकलन कराकर किसानों को मुआवजा दे. उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सरकार ने बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है, इसलिए हरियाणा सरकार को भी उसी तरह कार्रवाई करनी चाहिए.