फूलगोभी में लग रहे कीड़े? ये देसी ट्रिक अपनाने पर दोगुना होगा उत्पादन, कीटनाशक पर नहीं खर्च होगा पैसा!

Cailiflower Pest Control: फूलगोभी की फसल में पत्तागोभी तितली, माहू और अन्य कीट तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार समय पर पहचान और नीम के घोल, लहसुन-मिर्च स्प्रे व पीले चिपचिपे ट्रैप जैसे देसी उपाय अपनाकर कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है.

नोएडा | Published: 22 Feb, 2026 | 11:07 AM

Phool Gobhi Ki Kheti: फूलगोभी की खेती किसानों के लिए लाभदायक मानी जाती है, लेकिन कीटों का प्रकोप कई बार पूरी मेहनत पर पानी फेर देता है. पत्तागोभी में तितली, माहू (एफिड) और डायंड्रा जैसे कीट तेजी से पत्तियों और फूल को नुकसान पहुंचाते हैं. कई किसान महंगे रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग करते हैं, फिर भी पूरी तरह राहत नहीं मिल पाती. ऐसे में विशेषज्ञ देसी और जैविक उपायों को अपनाने की सलाह देते हैं, जो सस्ते होने के साथ सुरक्षित भी हैं.

शुरुआत में पहचान है सबसे जरूरी

फूलगोभी में कीड़ों की समय रहते पहचान बेहद महत्वपूर्ण है. यदि पत्तियों के नीचे छोटे अंडे या हरे कीड़े दिखाई दें तो तुरंत रोकथाम के कदम उठाने चाहिए. अगर कीटों को शुरुआती अवस्था में नहीं रोका गया तो वे पौधे की ग्रोथ और फूल बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर देते हैं. इससे उत्पादन घटता है और गुणवत्ता भी कमजोर हो जाती है.

प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय

कीट नियंत्रण के लिए नीम का घोल एक असरदार और पर्यावरण अनुकूल विकल्प है. इसे तैयार करने के लिए 5 लीटर पानी में 50 से 70 मिली नीम का तेल मिलाएं और थोड़ा सा लिक्विड साबुन डालें, ताकि घोल पत्तियों पर अच्छी तरह चिपक सके. इस मिश्रण का छिड़काव सुबह या शाम के समय पत्तियों के ऊपर और नीचे करें. सप्ताह में एक बार इसका उपयोग करने से कीटों की संख्या कम होने लगती है.

लहसुन और हरी मिर्च का घोल भी कारगर

नीम के अलावा लहसुन और हरी मिर्च का घोल भी देसी उपाय के रूप में काफी असरदार है.

साथ ही ये फसल पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं डालती है.

पीले चिपचिपे ट्रैप से नियंत्रण

खेत में पीले चिपचिपे ट्रैप लगाना एक सस्ता और प्रभावी तरीका है. ये ट्रैप उड़ने वाले कीड़ों को आकर्षित कर पकड़ लेते हैं, जिससे उनकी संख्या नियंत्रित रहती है. इसके साथ ही खेत की नियमित सफाई और संक्रमित पत्तियों को हटाना भी जरूरी है. साफ-सफाई से कीटों के फैलाव को रोका जा सकता है.

फसल चक्र अपनाना है फायदेमंद

विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही खेत में बार-बार गोभी या पत्तेदार सब्जियां उगाने से कीटों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए फसल चक्र अपनाना बेहद जरूरी है. यदि किसान एक सीजन में दलहनी या दूसरी फसल लगाते हैं तो मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है.

फूलगोभी की खेती में महंगे रसायनों पर निर्भर रहने के बजाय देसी और जैविक उपाय अपनाना ज्यादा सुरक्षित और किफायती है. सही समय पर पहचान, नियमित छिड़काव और खेत की देखभाल से किसान अच्छी गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त कर सकते हैं. थोड़ी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर कीड़ों से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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