Tip Of The Day: गेहूं की कटाई के बाद खाली न छोड़ें खेत, जानें कौन सी फसलें देंगी सबसे ज्यादा मुनाफा

Wheat Harvest: गेहूं की कटाई के बाद किसान खाली खेतों का सही उपयोग करके अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं. इस समय भिंडी, मूली, टमाटर, तोरई जैसी सब्जियों के साथ-साथ मूंग और उड़द जैसी दलहन फसलें लगाई जा सकती हैं. ये फसलें कम समय में तैयार होकर अच्छा उत्पादन और मुनाफा देती हैं. खास बात यह है कि ये न केवल किसानों की आय बढ़ाती हैं बल्कि मिट्टी की उर्वरक क्षमता को भी सुधारती हैं.

नोएडा | Published: 30 Apr, 2026 | 01:35 PM

Tips For Farmers: गेहूं की कटाई पूरी होने के बाद अक्सर किसान अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं, लेकिन यही समय अतिरिक्त कमाई का बेहतरीन मौका बन सकता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, इस अवधि में किसान ऐसी फसलों की बुवाई कर सकते हैं जो कम समय में तैयार हो जाती हैं, कम लागत में अच्छा उत्पादन देती हैं और बाजार में लगातार मांग में रहती हैं. इसके साथ ही ये फसलें मिट्टी की उर्वरक क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करती हैं.

भिंडी की खेती से तेज मुनाफा

गेहूं के बाद भिंडी की खेती किसानों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती है. भिंडी की बाजार में सालभर मांग बनी रहती है और यह जल्दी बिकने वाली सब्जी है. सही किस्म और तकनीक से बुवाई करने पर यह फसल लगभग 45 से 50 दिनों में तैयार हो जाती है. किसान मात्र दो महीनों में ही इससे अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं.

मूली: कम समय में बड़ा उत्पादन

मूली भी गेहूं के बाद बुवाई के लिए एक बेहतरीन विकल्प है. यह फसल बहुत कम समय में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. मूली की खेती लगभग 35 से 40 दिनों में तैयार हो जाती है. यदि एक एकड़ खेत में इसकी सही तरीके से बुवाई की जाए तो लगभग 100 कुंतल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जो किसानों के लिए अच्छा लाभ देता है.

टमाटर की खेती से सालभर कमाई

टमाटर की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. आधुनिक समय में किसान मल्चिंग विधि का उपयोग करके इसकी खेती करते हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़ते हैं. बुवाई के लगभग दो महीने बाद टमाटर की फसल तैयार हो जाती है और कम लागत में कई गुना मुनाफा दिया जा सकता है.

तोरई: आसान और कम जोखिम वाली फसल

तोरई की खेती भी किसानों के लिए लाभकारी विकल्प है. यह एक ऐसी सब्जी है जिसकी बाजार में लगातार मांग रहती है. इसे गर्मी, बरसात और सर्दी—तीनों मौसमों में उगाया जा सकता है. इसकी खेती में लागत कम आती है और बीमारियों का खतरा भी अपेक्षाकृत कम रहता है, जिससे यह एक सुरक्षित मुनाफे वाली फसल बन जाती है.

दलहन फसलें: मिट्टी और कमाई दोनों के लिए फायदेमंद

गेहूं के बाद किसान मूंग और उड़द जैसी दलहन फसलों की भी खेती कर सकते हैं. ये फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं और बाजार में अच्छी कीमत पर बिकती हैं. सबसे खास बात यह है कि ये मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली फसलों की पैदावार भी बेहतर होती है.

गेहूं की कटाई के बाद खाली खेत किसानों के लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि अतिरिक्त आय का साधन बन सकते हैं. सही फसल चयन और आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाकर किसान कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं और अपनी खेती को और भी लाभदायक बना सकते हैं.

Topics: