पंजाब में सामान्य से 7.5 डिग्री ज्यादा तापमान, गेहूं की फसल हो सकती है प्रभावित.. एडवाइजरी जारी
पंजाब में मार्च की शुरुआत में असामान्य गर्मी के चलते गेहूं की फसल प्रभावित होने का खतरा है. PAU ने किसानों को हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है. IMD ने अगले दिनों में तापमान ऊंचा रहने की चेतावनी दी है. अधिक गर्मी से पैदावार प्रभावित हो सकती है.
Punjab Agriculture News: पंजाब में मार्च की शुरुआत में असामान्य रूप से तेज गर्मी देखने को मिल रही है. राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 7.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है, जिससे गेहूं किसानों की चिंता बढ़ गई है. मौसम और कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अनाज बनने के महत्वपूर्ण चरण में ज्यादा गर्मी होने से गेहूं की पैदावार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इससे पैदावार में गिरावट आ सकती है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि कि पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान बढ़ा है और यह सामान्य से 7.5°C अधिक है. अगले चार दिनों में तापमान में लगभग 2- 3°C और वृद्धि होने की संभावना है, इसके बाद कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. मौसम के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के सभी 23 जिलों में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30°C से ऊपर रिकॉर्ड किया गया, जो इस समय के लिए असामान्य है. मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि आम तौर पर इतनी गर्मी मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में ही देखने को मिलती है, इसलिए इस बार की तेज बढ़ोतरी चिंताजनक है.
लुधियाना में भी गर्मी तेजी से बढ़ रही है
जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी फिरोजपुर में रही, जहां तापमान 33°C तक पहुंचा. लुधियाना में भी गर्मी तेज रही और अधिकतम तापमान 32.8°C दर्ज किया गया. तापमान में अचानक बढ़ोतरी ने किसानों में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि गेहूं की फसल अभी अनाज बनने के महत्वपूर्ण चरण में है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय लंबी अवधि तक सामान्य से ज्यादा गर्मी होने पर फसल जल्दी पक सकती है और अनाज का आकार छोटा हो सकता है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है.
PAU किसानों को दे रहा है सलाह
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के उपकुलपति सतबीर सिंह गोसल ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि विश्वविद्यालय ने पहले से ही शुरुआती हीटवेव जैसी स्थिति की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह जारी की थी. उन्होंने कहा कि हमने इस स्थिति की संभावना पहले ही देख ली थी और इसलिए अग्रिम सलाह जारी की थी. अब हम राज्यभर के कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए विस्तार से मार्गदर्शन भी दे रहे हैं. गेहूं के किसान अपनी फसल को गर्मी से बचाने के लिए इस सलाह का ध्यानपूर्वक पालन करें.
बढ़ती गर्मी से फसल को बचाने के लिए फसल की करें सिंचाई
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अपने खेतों में हल्की सिंचाई करें ताकि फसल बढ़ती गर्मी सह सके और संभावित नुकसान कम हो. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अगले हफ्तों में भी हीटवेव जैसी गर्मी बनी रही, तो राज्य में गेहूं की पैदावार कम हो सकती है. पंजाब भारत के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में से एक है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने किसानों और अधिकारियों से सतर्क रहने और मौसम अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की अपील की है, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान ऊंचा रहने की उम्मीद है. साथ ही किसानों को सलाह दी कि किसान 2 फीसदी पोटैशियम नाइट्रेट (13:0:45) का घोल दो बार छिड़कें. यह घोल 4 किलो पोटैशियम नाइट्रेट को 200 लीटर पानी में मिलाकर तैयार किया जाता है. इसका छिड़काव बूट लीफ और फूल आने (एन्थेसिस) की अवस्था में, खासकर शाम के समय करना बेहतर रहता है.
पंजाब में इस साल गेहूं की होगी बंपर पैदावार
वहीं, पंजाब में इस साल 1 अप्रैल से गेहं की खरीद शुरू होने की उम्मीद है. ऐसे इस साल पंजाब में गेहूं की बंपर पैदावार होनी की उम्मीद है, क्योंकि मौसम अभी तक अनुकूल रहा है. खास बात यह है कि पंजाब में गेहूं की खेती के लिए क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों ही दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण फसल है. वर्ष 2018-19 में पंजाब के अंदर गेहूं की खेती का क्षेत्रफल 35.2 लाख हेक्टेयर था और उत्पादन 182.6 लाख टन रहा था, जिसकी औसत उपज 5188 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर थी.