Paddy Farming: धान रोपाई में छोटी सी चूक घटा सकती है पैदावार, जानिए सही तरीका
धान की अच्छी पैदावार केवल बीज और खाद पर निर्भर नहीं करती, बल्कि रोपाई का सही तरीका भी बेहद जरूरी है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पौधों के बीच उचित दूरी रखने से फसल को पर्याप्त पोषण, धूप और हवा मिलती है. इससे पौधे मजबूत बनते हैं और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है.
Paddy Farming: खरीफ सीजन के साथ ही देशभर में धान की रोपाई का काम शुरू हो चुका है. किसान अच्छी पैदावार के लिए बेहतर बीज, खाद और सिंचाई पर ध्यान देते हैं, लेकिन कई बार एक छोटी सी गलती उत्पादन को प्रभावित कर देती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान की रोपाई के दौरान पौधों के बीच सही दूरी बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है. यदि वैज्ञानिक तरीके से रोपाई की जाए तो फसल का विकास बेहतर होता है और पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है.
पौधों के बीच सही दूरी क्यों है जरूरी?
कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, धान के पौधों को बहुत पास-पास लगाने से उन्हें पर्याप्त धूप, हवा और पोषक तत्व नहीं मिल पाते. इससे पौधों की बढ़वार प्रभावित होती है और उत्पादन घट सकता है. वहीं, सही दूरी पर रोपाई करने से प्रत्येक पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है. इससे जड़ों का विकास बेहतर होता है और पौधे अधिक मजबूत बनते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य और मध्यम अवधि में तैयार होने वाली धान की किस्मों के लिए लाइन से लाइन की दूरी 20 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखना लाभदायक माना जाता है.
अलग-अलग किस्मों के लिए अलग दूरी
धान की सभी किस्मों के लिए एक जैसी दूरी उपयुक्त नहीं होती. बासमती और लंबी अवधि में पकने वाली किस्मों के पौधे अधिक फैलाव वाले होते हैं. इसलिए इनके लिए लाइन से लाइन और पौधे से पौधे की दूरी 20×20 सेंटीमीटर रखनी चाहिए. सही दूरी बनाए रखने से पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता है और खेत में निराई-गुड़ाई, उर्वरक प्रबंधन तथा अन्य कृषि कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं. इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है.
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एक जगह ज्यादा पौधे लगाने से बचें
कई किसान अधिक उत्पादन की उम्मीद में एक ही स्थान पर कई पौधे लगा देते हैं, लेकिन यह तरीका फायदेमंद नहीं माना जाता. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार एक स्थान पर केवल 2 से 3 स्वस्थ पौधे ही लगाने चाहिए. जब पौधों की संख्या सीमित रहती है, तो उनकी जड़ें बेहतर तरीके से विकसित होती हैं और वे मिट्टी से पोषक तत्वों का अधिक उपयोग कर पाते हैं. इससे पौधे मजबूत बनते हैं और आगे चलकर अधिक कल्ले विकसित करते हैं, जो उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
सही रोपाई से बढ़ेगा उत्पादन और मुनाफा
वैज्ञानिक तरीके से रोपाई करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि पौधों में कल्लों की संख्या बढ़ती है. अधिक कल्ले बनने का सीधा संबंध अधिक बालियों और ज्यादा दानों से होता है. इसके अलावा खेत में हवा और धूप का बेहतर प्रवाह होने से कीट और रोगों का खतरा भी कम हो जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि रोपाई के समय थोड़ी सावधानी और सही दूरी का पालन करके किसान उत्पादन लागत को नियंत्रित कर सकते हैं और बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. यही छोटी-सी तकनीक धान की खेती को अधिक लाभदायक बनाने में अहम भूमिका निभा सक