सरकार का बड़ा फैसला, धान के बीज पर मिलेगी 90 फीसदी सब्सिडी.. किसानों की लागत होगी कम

आंध्र प्रदेश सरकार किसानों को धान के बीज पर 10 रुपये प्रति किलो सब्सिडी और ST किसानों को 90 फीसदी तक अनुदान दे रही है. खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त बीज भंडार उपलब्ध है. खाद वितरण APAIMS ऐप के जरिए होगा. अल नीनो के असर को देखते हुए कम अवधि में तैयार होने वाली धान किस्मों के बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 20 Jun, 2026 | 02:12 PM

Paddy Seed Subsidy: धान की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है. आंध्र प्रदेश सरकार किसानों की खेती की लागत कम करने के लिए रियायती दरों पर बीज उपलब्ध करा रही है. सरकार धान के बीज पर 10 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दे रही है. वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) किसानों के लिए बीज पर 90 प्रतिशत तक विशेष अनुदान दिया जा रहा है. वहीं, सरकार के इस फैसले से किसानों में खुशी की लहर है. किसानों का कहना है कि सरकार के इस कदम से किसानों को फायदा होगा. इनकी कमाई बढ़ेगी और इनपुट लाग कम होगी.

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक वाई. वी. मुरली कृष्णा ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि श्रीकाकुलम जिले में वर्तमान में 31,058 क्विंटल धान बीज का भंडार उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बीज की कोई कमी नहीं  होने दी जाएगी और सभी जरूरतमंद किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार का उद्देश्य किसानों का खर्च कम करना और खरीफ फसलों की बुवाई को सुचारु रूप से पूरा कराना है.

कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने पर भी जोर

आंध्र प्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए रायतु सेवा केंद्रों (Rythu Seva Kendras) पर कई फसलों के बीज उपलब्ध कराए हैं. किसान इन केंद्रों से सीधे बीज खरीद सकते हैं. बीज वितरण के साथ-साथ सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने पर भी जोर दे रही है. इसी कड़ी में खाद वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आंध्र प्रदेश एग्रीकल्चर इनपुट मैनेजमेंट सिस्टम (APAIMS) मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है.

खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी

कृषि अधिकारियों ने किसानों को इस ऐप के इस्तेमाल की जानकारी दी है. अधिकारियों ने बताया कि खाद का वितरण किसानों के पंजीकृत विवरण और उनकी खेती के रकबे के आधार पर किया जाएगा. किसानों से नई तकनीक का अधिक से अधिक लाभ उठाने और ऐप का उपयोग करने की अपील की गई है. सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से खाद वितरण में पारदर्शिता  बढ़ेगी और किसानों को समय पर आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध हो सकेगी.

125 दिनों में तैयार हो जाती हैं धान की ये किस्में

मौसम से जुड़ी संभावित चुनौतियों को देखते हुए कृषि विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है. मौसम विभाग ने इस वर्ष अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश  होने की संभावना जताई है. इसी को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए 125 से 135 दिनों में तैयार होने वाली कम अवधि की धान किस्मों के बीज उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है. कृषि अधिकारियों का कहना है कि ये किस्में कम बारिश और सूखे जैसी परिस्थितियों में भी किसानों को बेहतर उत्पादन देने में मदद करेंगी. इसके अलावा, किसानों को यूरिया और अन्य उर्वरकों की आपूर्ति भी मोबाइल ऐप के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाएगी. इससे खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे.

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Published: 20 Jun, 2026 | 01:52 PM

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