सरकार के पास उन्नत बीजों की कोई कमी नहीं, जरूरत से 11 फीसदी ज्यादा मौजूद हैं बेस्ट वैरायटी सीड 

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ फसलों के उन्नत बीजों का भंडार 11 फीसदी बढ़ गया है. किसानों को बुवाई के लिए बेस्ट क्वालिटी के बीज भरपूर उपलब्ध कराए जाएंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बीज भंडार में भी अतिरिक्त बीजों का स्टॉक मौजूद है.

Kisan India
नोएडा | Published: 29 May, 2026 | 04:48 PM

खरीफ सीजन में बुवाई के लिए उन्नत किस्मों के बीजों का भंडारण जरूरत से 11 फीसदी उपलब्ध है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को फसलों की बुवाई के लिए जरूरत से ज्यादा स्टॉक में बीज मौजूद हैं. जबकि, राष्ट्रीय बीज भंडार में अतिरिक 1.74 लाख क्विंटल बीज मौजूद हैं. ऐसे में खरीफ फसलों के उन्नत बीजों की किसानों को कोई कमी नहीं होने वाली है.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में राष्ट्रीय खरीफ कृषि सम्मेलन के दौरान मीडिया से चर्चा में कहा कि खरीफ 2026 के लिए देश पूरी तरह तैयार है. खरीफ सीजन किसी भी दृष्टि से चुनौती का नहीं, बल्कि तैयारी, समन्वय और किसान-केंद्रित नीति का सीजन बने, इसके लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम कर रहे हैं.

खरीफ सीजन के लिए बीजों की जरूरत और मौजूदा स्टॉक

उन्होंने बताया कि किसी भी फसल की सफलता की सबसे पहली शर्त गुणवत्तायुक्त बीज है, और इस बार देश में खरीफ 2026 के लिए बीज की उपलब्धता पूरी तरह आश्वस्त करने वाली है. उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए देश में लगभग 173 लाख क्विंटल बीज की आवश्यकता है, जबकि 192 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध है. यानी जरूरत से लगभग 11 प्रतिशत अधिक बीज उपलब्ध कराया गया है. राज्यों की आवश्यकताओं के अनुरूप बीज आवंटन भी किया जा चुका है और इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि समय रहते बीज राज्यों द्वारा उठाया जाए और किसानों तक खरीफ बुवाई से पहले पहुंच जाए.

1.74 लाख क्विंटल का राष्ट्रीय बीज भंडार भी मौजूद

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौसम की अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने 1.74 लाख क्विंटल का राष्ट्रीय बीज भंडार भी तैयार किया है. यदि कहीं बारिश में देरी हो, बीच में अंतराल आए या पुनर्बुवाई की जरूरत पड़े, तो किसानों को बीज उपलब्ध कराने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिए अग्रिम तैयारी की गई है. किसानों को योजनाओं का लाभ सरल और लक्षित तरीके से देने के लिए फार्मर आईडी अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया गया है. अब तक 9 करोड़ 76 लाख से अधिक फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बार-बार अलग-अलग कागज देने की जरूरत कम होगी.

छोटे किसानों तक योजनाएं पहुंचाना प्राथमिकता

कृषि ऋण के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि देश में औसत कृषि ऋण का आकार लगभग 1.32 लाख रुपये है, लेकिन विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में इसमें बड़ा अंतर है. पूर्वी भारत में यह औसत काफी कम है. उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कृषि ऋण का प्रवाह कम है, वहां बैंकों के साथ बैठक कर पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा. बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं जो अपनी जमीन के मालिक नहीं हैं, बल्कि पट्टे या लीज पर जमीन लेकर खेती करते हैं. ऐसे टेनेंट फार्मर्स के लिए भी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने को लेकर राज्यों के साथ गंभीर चर्चा हुई है.

पीएम फसल बीमा की राशि देने में देरी पर ब्याज लगेगा

फसल बीमा योजना पर बोलते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि योजना का दायरा बड़ा है, लेकिन कुछ अंतरालों को दूर करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट और रिमोट सेंसिंग आधारित आकलन को और अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने के लिए एक टीम गठित की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भुगतान में देरी होने पर 12% ब्याज का प्रावधान लागू होगा, ताकि किसानों को लाभ समय पर मिल सके.

घटिया कीटनाशकों की सैंपलिंग के लिए लैब्स बढ़ेंगी

उन्होंने घटिया और नकली कीटनाशकों को बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि राज्यों को अधिक से अधिक सैंपलिंग करनी होगी, प्रयोगशालाओं को सक्षम बनाना होगा और एनएबीएल प्रमाणित लैब्स के विस्तार पर ध्यान देना होगा. नकली कृषि आदानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने पर भी सहमति बनी है. पीएम-आशा के तहत खरीद प्रक्रिया में देरी को भी एक प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि अब निश्चित समयसीमा के भीतर खरीद पूरी करने की दिशा में सहमति बनी है. इसके साथ ही केवीके को और मजबूत बनाने, एफपीओ आंदोलन को गति देने और विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त किस्मों पर क्षेत्रवार काम करने की जरूरत पर बल दिया गया.

20 लाख किसान करेंगे प्राकृतिक खेती

उन्होंने कहा कि अरहर जैसी फसलों में कम अवधि वाली बेहतर किस्मों के विकास और विभिन्न एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों के अनुसार वैरायटी चयन पर और तेज काम करने की आवश्यकता है. इसी क्रम में हर राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा. प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग पर चर्चा हुई है. कृषि मंत्री ने कहा कि 20 लाख किसानों ने 8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के लिए प्राकृतिक खेती हेतु पंजीकरण कराया है. इसके अलावा अनेक किसान परंपरागत रूप से भी प्राकृतिक पद्धतियों का पालन कर रहे हैं.

पूरे जून माह तक चलेगा ‘खेत बचाओ अभियान’

शिवराज सिंह ने बताया कि किसानों तक सीधे पहुंचने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें 1 जून से 30 जून तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाएंगी. इस अभियान के तहत गांव-गांव जाकर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, स्वाइल हेल्थ कार्ड की सिफारिशों, प्राकृतिक खेती, बेहतर फसल प्रबंधन और अन्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी. साथ ही जहां संभव होगा, किसान क्रेडिट कार्ड, मशीनीकरण उपकरण, स्वाइल हेल्थ कार्ड और अन्य सुविधाएं भी व्यवहारिक रूप से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़