Tamil Nadu News: तमिलनाडु के मदुरै जिले में एनसीसीएफ (NCCF) खरीद योजना के तहत धान बेचने वाले किसानों के बकाया भुगतान जल्द जारी किए जाएंगे. गुरुवार को मदुरै कलेक्टर निशांत कृष्णा की अध्यक्षता में हुई किसानों की शिकायत बैठक में अधिकारियों ने यह जानकारी दी. किसानों ने शिकायत की थी कि धान खरीद का भुगतान करीब चार महीने से लंबित है. इस पर अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश किसानों को पिछले सप्ताह भुगतान कर दिया गया है, जबकि बाकी भुगतान बैंक खातों से जुड़ी समस्याओं के कारण रुके हुए हैं.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में मदुरै में धान की खरीद केवल तमिलनाडु सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन (TNCSC) के जरिए ही की जाएगी और एनसीसीएफ को खरीद की अनुमति नहीं दी जाएगी. बैठक के दौरान मदुरै पश्चिम के किसान के. तिरुपति ने प्रत्यक्ष खरीद केंद्रों (DPC) में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और धान खरीद प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की. किसानों का कहना था कि विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण खरीद कार्य प्रभावित हो रहा है और इससे कई समस्याएं पैदा हो रही हैं.
किसान शिकायत निवारण बैठक आयोजित की जाएगी
इस पर अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की भर्ती से जुड़ा मामला फिलहाल अदालत में लंबित है, जिसके कारण नई नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. बैठक में कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग ने घोषणा की कि तमिलनाडु सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन (TNCSC) से जुड़े मुद्दों पर 10 जुलाई तक एक विशेष किसान शिकायत निवारण बैठक आयोजित की जाएगी.
फसल बीमा राशि अभी तक किसानों को नहीं मिली
इस दौरान मंगुलम के किसान एम. मलैसामी ने शिकायत की कि 2025-26 के सांबा सीजन की फसल बीमा राशि अभी तक किसानों को नहीं मिली है. अधिकारियों ने कहा कि आठ ब्लॉकों के 57 स्थानों से सैंपलिंग रिपोर्ट का इंतजार है और 2 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. बैठक में कई किसानों ने जलाशयों में सीवेज मिलने और सीमाई करुवेलम (विलायती बबूल) के तेजी से फैलने की समस्या भी उठाई. करसेरी के किसान गुणशेखरन ने कहा कि सक्कीमंगलम इलमपल्लम टैंक में सीवेज का पानी मिलने से 600 एकड़ से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई है उन्होंने कालमेडु क्षेत्र से सीवेज के प्रवाह को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की.
दूध उत्पादकों के लिए नई भुगतान प्रणाली लागू की गई
वहीं, मदुरै में दूध उत्पादकों के लिए नई भुगतान प्रणाली लागू की गई है. वडिकोविल मिल्क कोऑपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष वी. गोविंदा पांडियन ने कहा कि पहले दूध की आपूर्ति का भुगतान मिलने में करीब 10 दिन लग जाते थे, लेकिन नई व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि अब किसानों को तीन कार्य दिवस के भीतर भुगतान मिल सकेगा. उसिलमपट्टी के किसान टी. इनबराज ने कहा कि नई प्रणाली से दूध की गुणवत्ता पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और शुरुआती स्तर पर ही मिलावट को रोकने में मदद मिलेगी.