फसल नुकसान का सर्वे करने के लिए टीमें गठित, गांव-गांव जाएंगे अधिकारी.. किसान इस नंबर पर करें शिकायत
फसल नुकसान की स्थिति में किसान तहसील स्तर पर बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं. साथ ही, जिला कृषि विभाग, जिला कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक के कार्यालयों के माध्यम से भी समय पर रजिस्ट्रेशन और क्लेम निपटान की सुविधा उपलब्ध है. इसी बीच बुधवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कुछ हिस्सों में हल्की से बारिश दर्ज की गई.
Uttar Pradesh Agriculture News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आदेश के बाद बेमौसम बारिश से हुए फसल नुकसान का सर्वे करने के लिए पूरे प्रदेश में आधिकारियों ने अपना काम शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने गिरदावरी करने के लिए गांव स्तर पर सर्वे टीमों का गठन किया है. गौतम बुद्ध नगर प्रशासन का कहना है गांव-गांव में जाकर टीम के लोग फसल नुकसान का सर्वे करेंगे. उन्होंने कहा कि एक भी प्रभावित किसान न छूटे, इसका पूरा खयाल रखा जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में हुई बेमौसम बारिश से जिले की रबी फसलों को नुकसान होने की आशंका है.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के अधिकारियों का कहना है कि बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने से गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है. इसलिए हर टीम में गांव के लेखपाल, कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी/तकनीकी सहायक और अन्य कर्मचारी शामिल होंगे. साथ ही तहसील स्तर पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे.
किसान इस नंबर पर दे सकते हैं जानकारी
अधिकारियों का कहना है कि इन सर्वे टीमों का उद्देश्य फसल नुकसान का सही आकलन करना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत पात्र किसानों को मुआवजा दिलाना है. अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित किसान अपनी फसल के नुकसान की जानकारी या सहायता के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा किसान जिला समन्वयक या सदर, दादरी और जेवर तहसील में मौजूद प्रतिनिधियों से भी मदद ले सकते हैं.
- UP में फसल नुकसान का मिलेगा मुआवजा, CM योगी ने मांगी रिपोर्ट.. जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देश
- ब्लैक थ्रिप्स से आम की फसल प्रभावित.. उत्पादन कम होने से कीमतों में बढ़ोतरी, 23000 रुपये क्विंटल रेट
- देश में 180 लाख टन से ज्यादा है खाद का स्टॉक, खरीफ सीजन में उर्वरक आपूर्ति को लेकर केंद्र ने बनाई रणनीति
- सरसों के उत्पादन में 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी, राजस्थान पहले स्थान पर.. जानें MP, यूपी, हरियाणा का हाल
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बारिश
फसल नुकसान की स्थिति में किसान तहसील स्तर पर बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं. साथ ही, जिला कृषि विभाग, जिला कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक के कार्यालयों के माध्यम से भी समय पर रजिस्ट्रेशन और क्लेम निपटान की सुविधा उपलब्ध है. इसी बीच बुधवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कुछ हिस्सों में हल्की से बारिश दर्ज की गई. इससे किसानों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई है. इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में जिले में 4.5mm बारिश रिकॉर्ड की गई. बुधवार को मिनिमम और मैक्सिमम टेम्परेचर एक के बाद एक 16.8 और 27 डिग्री सेल्सियस रहा.
किसान यहां दे सकते हैं फसल नुकसान की जानकारी
- एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करें.
- जिला समन्वयक (District Coordinator) से संपर्क करें.
- सदर तहसील के प्रतिनिधियों से मदद लें.
- दादरी तहसील के प्रतिनिधियों से संपर्क करें.
- जेवर तहसील के बीमा कंपनी प्रतिनिधियों से मिलें.
- जिला कृषि अधिकारी (District Agriculture Officer) कार्यालय जाएं.
- उप कृषि निदेशक (Deputy Director Agriculture) कार्यालय से सहायता लें.
- तहसील स्तर पर बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधियों से संपर्क करें.
किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
दरअसल, पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असमय बारिश से फसल नुकसान पर गंभीर संज्ञान लिया था. उन्होंने अधिकारियों से फसल नुकसान की रिपोर्ट मांगी थी. किसानों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम होना चाहिए. जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए. राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.