UP में फसल नुकसान का मिलेगा मुआवजा, CM योगी ने मांगी रिपोर्ट.. जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देश

सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का वास्तविक आकलन कराने पर जोर देने के लिए कहा है. किसानों को समय पर सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन में समन्वय बढ़ाने और प्रमुख सचिव कृषि व राहत आयुक्त को सीधे संपर्क में रहने के आदेश भी दिए गए हैं.

Kisan India
नोएडा | Published: 5 Apr, 2026 | 09:28 AM

Uttar Pradesh Agriculture News: उत्तर प्रदेश में असमय बारिश से फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. इस दौरान कानपुर में तीन और कासगंज में दो लोगों की मौत हो गई. हालांकि, लखनऊ में अचानक हुई बारिश ने बढ़ती गर्मी से कुछ राहत दी. इसी बीच  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असमय बारिश से फसल नुकसान पर गंभीर संज्ञान लिया है. उन्होंने अधिकारियों से फसल नुकसान की रिपोर्ट मांगी है. किसानों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम होना चाहिए. जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए. राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खराब मौसम से बर्बाद हुई फसलों का जल्द आकलन करने का भी आदेश दिया है. किसानों को समय पर मदद देने के लिए राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं. फसल नुकसान की रिपोर्ट  तुरंत शासन को भेजनी होगी.

14447 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है

सीएम ने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का वास्तविक आकलन कराने पर जोर देने के लिए कहा है. किसानों को समय पर सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन में समन्वय बढ़ाने और प्रमुख सचिव कृषि व राहत आयुक्त को सीधे संपर्क में रहने के आदेश भी दिए गए हैं. किसानों से अपील की गई है कि वे नुकसान की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें. बीमित फसल नुकसान की स्थिति में 72 घंटे के अंदर 14447 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

गेहूं की फसल पर तेज हवा ने सबसे ज्यादा असर डाला

कहा जा रहा है कि शनिवार को हुई बेमौसम बारिश के चलते फसलों पर असर गंभीर रहा. गेहूं की फसल पर तेज हवा ने सबसे ज्यादा असर डाला, जिससे खड़ी फसल गिर गई और अनाज की गुणवत्ता प्रभावित हुई. कटे हुए गेहूं के ढेर भी भीग गए, जिससे काले होने और अनाज गिरने का खतरा बढ़ गया है. सब्जियों की फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुईं. भिंडी, तुरई, लौकी, मक्का, कद्दू, खीरा और टमाटर जैसी फसलें नुकसान झेल रही हैं. लगातार तीन ओलावृष्टि की घटनाओं के कारण किसान अब तक 50 फीसदी तक नुकसान का डर महसूस कर रहे हैं.

6 अप्रैल को एक और मौसम प्रणाली आने की संभावना है

प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने तुरंत सर्वेक्षण और मुआवजे की मांग की है. जालौन के कालपी के राजेंद्र सिंह और उदय सिंह ने हिन्दुस्ताइ टाइम्स से कहा कि फसल कटाई अभी शुरू ही हुई थी कि मौसम अचानक बिगड़ गया. कानपुर देहात के अकबरपुर के राम किशन निषाद ने कहा कि पूरे साल की मेहनत बर्बाद होने के कगार पर है. सीएस आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक एसएन सुनील पांडे के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मध्य उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा है. उन्होंने कहा कि अप्रैल के दौरान मौसम अस्थिर बना रह सकता है और लगभग 6 अप्रैल को एक और मौसम प्रणाली  आने की संभावना है.

आज उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम

लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पूर्वी हिस्सों की तुलना में ज्यादा बारिश हुई. मुरादाबाद में 19 मिमी, अलीगढ़ में 13.6 मिमी, हथरस में 10.2 मिमी, कासगंज में 10 मिमी और आगरा में 9.4 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसमविदों के अनुसार, यह बारिश केंद्रीय पाकिस्तान पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पंजाब में चक्रवातीय परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव के कारण हुई. अगले 24 घंटे में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है, यानी 5 अप्रैल की दोपहर के बाद मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा.

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