खेती में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर, फूड सिक्योरिटी के लिए 330 करोड़ खर्च करेगी CIMMYT

फूड सिक्योरिटी सेक्टर की रिसर्च संस्था CIMMYT सूखा और गर्मी झेलने वाली मक्का और गेहूं की किस्मों को विकसित करने में मोटी रकम इस्तेमाल करेगी. डिजिटल और डेटा पर आधारित खेती के टूल्स के साथ ही ग्लोबल सर्विलांस सिस्टम को विकसित किया जाएगा. ताकि फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाया जा सके.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 20 Feb, 2026 | 04:06 PM

ग्लोबल फूड सिक्योरिटी के लिए साइंस से चलने वाले सॉल्यूशन को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी सरकार की ओर से करीब 330 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस राशि का इस्तेमाल गेहूं और मक्का किस्मों को विकसित करने में भी किया जाएगा. अमेरिकी सरकार की ओर से यह राशि फूड सिक्योरिटी के लिए रिसर्च करने वाली संस्था CIMMYT को मिली है, जो दुनियाभर में खेती को मजबूती देने का काम कर रही है. इस रकम का इस्तेमाल भारत और नेपाल में कृषि क्षेत्र पर विशेष तौर पर खर्च किया जाएगा. संस्था ने कहा कि इससे खेती को मजबूत किया जा सकेगे और खुले साइंटिफिक सहयोग को भी मजबूती मिलेगी. यह अवॉर्ड अमेरिकी सरकार के एक डेलीगेशन के ऑफिशियल दौरे पर घोषित किया गया है.

खेती में टेक सॉल्यूशन बढ़ाने पर जोर

फूड सिक्योरिटी के लिए रिसर्च करने वाली संस्था CIMMYT दुनियाभर में किसानों, बाजारों और फूड सिस्टम को फायदा पहुंचाने वाले साइंस से चलने वाले सॉल्यूशन को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है. 80 से ज्यादा सालों से यूनाइटेड स्टेट्स और मेक्सिको इंटरनेशनल पार्टनर CIMMYT के साथ मिलकर खेती की रिसर्च में मदद कर रहे हैं. यह नया इन्वेस्टमेंट उसी विरासत को आगे बढ़ाता है और इस आम समझ को दिखाता है कि मजबूत फ़ूड सिस्टम आर्थिक स्थिरता, नेशनल सिक्योरिटी और ग्लोबल खुशहाली के लिए जरूरी हैं.

किसानों को इनोवेशन, टूल्स और नॉलेज मिलेगी

CIMMYT के डायरेक्टर जनरल ब्रैम गोवार्ट्स ने कहा कि यह अवॉर्ड भरोसे और साझा मकसद पर बनी लंबे समय से चली आ रही पार्टनरशिप की ताकत को दिखाता है. फूड सिक्योरिटी और मजबूत खेती के सिस्टम दुनिया भर में स्थिरता और खुशहाली के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हम यूनाइटेड स्टेट्स और दुनिया भर में पार्टनर्स के साथ काम करते रहेंगे ताकि किसानों को उनके लिए जरूरी इनोवेशन, टूल्स और जानकारी मिल सके.

गेहूं और मक्का किस्मों को विकसित करेगी CIMMYT

इस फंडिंग से CIMMYT सूखा और गर्मी झेलने वाली मक्का और गेहूं की किस्मों को विकसित करने में इस्तेमाल करेगी. इसके साथ ही जरूरी जेनेटिक रिसोर्स का बचाव और इस्तेमाल हो सकेगा. डिजिटल और डेटा पर आधारित खेती के टूल्स के साथ ही ग्लोबल सर्विलांस सिस्टम को विकसित किया जाएगा. ताकि फसलों को कीड़ों और बीमारियों से बचाया जा सके.

CIMMYT की ये कोशिशें किसानों को कम रिसोर्स में ज्यादा पैदावार करने, क्लाइमेट शॉक के प्रति कमजोरी कम करने और सप्लाई चेन की मजबूती देने में मदद करेगी. एक ग्लोबल गैर-राजनीतिक संस्था के तौर पर CIMMYT अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ओशिनिया में सरकारों, रिसर्च संस्थाओं और पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करती है.

एग्रीकल्चरल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा

BISA के मैनेजिंग डायरेक्टर और CIMMYT के एशिया के रीजनल डायरेक्टर डॉ. बी एम प्रसन्ना ने कहा कि 2026 में CIMMYT में U.S. सरकार का यह नया इन्वेस्टमेंट ग्लोबल फ़ूड सिक्योरिटी को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत कमिटमेंट दिखाता है. यह उन इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को तेज करेगा जो फ़ूड सिस्टम को मजबूत करेंगे और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सहित दुनिया भर में छोटे किसानों की रोजी-रोटी को बेहतर बनाएंगे. हम इसे भारत और नेपाल में विकास के लिए एग्रीकल्चरल रिसर्च में ज्यादा इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के एक जरूरी मौके के तौर पर भी देखते हैं.

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Published: 20 Feb, 2026 | 04:05 PM

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