सरकार ने जारी किया कंटीजेंसी प्लान, कम बारिश की चेतावनी..इन फसलों की खेती करने की अपील

तेलंगाना कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए कंटीजेंसी प्लान जारी कर अल नीनो के कारण कम बारिश की चेतावनी दी है. किसानों को धान जैसी ज्यादा पानी वाली फसलों की जगह कम पानी और कम अवधि वाली फसलें अपनाने की सलाह दी गई है. विभाग ने जलाशयों में कम पानी और भूजल स्तर गिरने की भी आशंका जताई है.

नोएडा | Published: 17 Jul, 2026 | 02:45 PM

तेलंगाना के कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए आकस्मिक (कंटीजेंसी) योजना जारी की है. इसमें कहा गया है कि अल नीनो के असर से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के बाकी सीजन में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. ऐसे में किसानों को ज्यादा पानी वाली फसलों, खासकर धान की जगह कम समय में तैयार होने वाली और सूखा सहन करने वाली किस्मों की खेती करने की सलाह दी गई है. योजना में कहा गया है कि अगर मॉनसून के बाकी दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो बांधों में पानी का स्तर कम रहने के कारण सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी छोड़ना मुश्किल हो सकता है.

कृषि विभाग के मुताबिक, गोदावरी और कृष्णा नदी बेसिन में भी बाकी मॉनसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान  है. इससे जलाशयों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में पानी की आवक कम रह सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पूरे तेलंगाना में कुल मिलाकर सामान्य या सामान्य से थोड़ी कम बारिश हो सकती है, लेकिन राज्य के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है.

25 फीसदी कम बारिश होने का अनुमान

कृषि विभाग की कंटीजेंसी योजना के अनुसार, जुलाई में सामान्य से करीब 25 फीसदी कम बारिश होने का अनुमान है. अगस्त में बारिश जुलाई, सितंबर और अक्टूबर के मुकाबले बेहतर रहने की उम्मीद है, लेकिन तब भी यह सामान्य से 10-15 फीसदी कम रह सकती है. वहीं, सितंबर में बारिश की कमी 42 फीसदी और अक्टूबर में 55 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है.

जलाशयों में फिलहाल 27.69 टीएमसी पानी

योजना के मुताबिक, गोदावरी बेसिन के जलाशयों में फिलहाल 27.69 टीएमसी (TMC) उपयोगी पानी बचा है, जबकि कृष्णा बेसिन की परियोजनाओं में 14.81 टीएमसी पानी उपलब्ध है. कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि मौजूदा जल भंडार मुख्य रूप से पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए ही पर्याप्त हैं. यदि मॉनसून के बाकी दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो सिंचाई के लिए पानी छोड़ना मुश्किल हो सकता है.

तेलंगाना का औसत भूजल स्तर

कृषि विभाग की कंटीजेंसी योजना में भूजल स्तर गिरने की भी आशंका जताई गई है. जून 2026 में तेलंगाना का औसत भूजल स्तर जमीन से 9.46 मीटर नीचे था. योजना के अनुसार, 14 जुलाई तक हुई बारिश और पूरे सीजन में 30 फीसदी कम बारिश के अनुमान को देखते हुए, जुलाई में औसत भूजल स्तर 10.35 मीटर और अगस्त में 11.01 मीटर नीचे पहुंच सकता है.

20 जिलों में भूजल स्तर 5 से 10 मीटर के बीच

रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना के 33 जिलों में से 20 जिलों में भूजल स्तर 5 से 10 मीटर के बीच है, जबकि बाकी 13 जिलों में यह 10 से 15 मीटर के बीच दर्ज किया गया है. कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार, मई 2026 की तुलना में जुलाई में भूजल स्तर 1.09 मीटर और अगस्त में 1.74 मीटर तक और नीचे जा सकता है. अल नीनो और कम बारिश के असर को कम करने के लिए विभाग ने किसानों को कई सुझाव दिए हैं. इनमें धान जैसी ज्यादा पानी वाली फसलों की जगह कम पानी वाली फसलें उगाना, कम समय में तैयार होने वाली और सूखा सहने वाली किस्मों को अपनाना, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का अधिक इस्तेमाल, फार्म पॉन्ड और रिचार्ज पिट बनाकर वर्षा जल का संरक्षण, भूजल का सीमित उपयोग और सतही व भूजल का संतुलित इस्तेमाल शामिल है. इसके साथ ही गांव-गांव में किसानों को जागरूक करने के अभियान चलाने की भी सिफारिश की गई है.

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