तेलंगाना में 900 करोड़ का धान गायब! सरकार की सख्ती के बाद मिलर्स से 700 करोड़ रुपये की वसूली

तेलंगाना में चावल मिल मालिकों के पास सरकारी धान की करीब 900 करोड़ रुपये की कमी सामने आई है. विजिलेंस कार्रवाई के बाद सरकार ने सख्ती बढ़ाई है और अब तक करीब 700 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है. सरकार का अनुमान है कि नीलामी और कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए धान की कुल कमी 3,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.

नोएडा | Updated On: 13 Aug, 2026 | 05:07 PM

Telangana News: तेलंगाना में विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट (V&E) की कार्रवाई में पिछले तीन हफ्तों के दौरान करीब 900 करोड़ रुपये के धान की कमी का मामला सामने आया है. सरकार ने यह धान चावल मिल मालिकों को दिया था, जिसे कस्टम मिलिंग के बाद चावल के रूप में सरकार को लौटाना था. कई मिल मालिकों ने तय समय पर धान के बदले चावल नहीं लौटाया. सरकार की सख्ती के बाद अब मिल मालिकों से वसूली शुरू हो गई है. सरकार ने साफ संदेश दिया है कि धान का पैसा चुकाएं या जेल जाने के लिए तैयार रहें. इसके बाद कई मिल मालिकों ने बकाया राशि जमा करनी शुरू कर दी है. अब तक करीब 700 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है.

इस मामले में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने समीक्षा बैठक की. उन्होंने अधिकारियों को दोषी चावल मिल मालिकों  के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने और सरकार के बकाये की वसूली तेज करने के निर्देश दिए.  मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार ईमानदारी से कारोबार करने वाले चावल मिल मालिकों के साथ सहयोग का रवैया अपना रही है. हालांकि, जानबूझकर सरकारी बकाया नहीं चुकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

BRS सरकार पर बकाया वसूली में अनियमितता का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली BRS सरकार के दौरान चावल मिल मालिकों से बकाया वसूली में अनियमितताएं हुईं, जिसकी वजह से हजारों करोड़ रुपये का बकाया जमा हो गया. उन्होंने मौजूदा सरकार पर बकाया वसूली को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी आपत्ति जताई. तेलंगाना सरकार चावल मिल मालिकों से सरकारी बकाया वसूलने के लिए कार्रवाई और तेज करने की तैयारी में है. विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट (V&E) के महानिदेशक डीएस चौहान की निगरानी में चल रही छापेमारी के दौरान अब तक करीब 900 करोड़ रुपये के धान की कमी सामने आ चुकी है. सरकार का अनुमान है कि नीलामी और कस्टम मिलिंग के लिए मिल मालिकों को दिए गए धान की कुल कमी 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है.

सरकारी धान की एक-एक पाई वसूलने के निर्देश

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को वसूली की प्रगति की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी धान के एक-एक दाने की कीमत वसूल की जानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को बकाया वसूली के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार कर कैबिनेट सब-कमेटी को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट सब-कमेटी की समीक्षा के बाद सरकार उचित फैसला लेगी. उन्होंने यह भी कहा कि जिन मिल मालिकों को पहले धान दिया गया था और वे अब डिफॉल्टर बन चुके हैं, उन्हें आगे धान देने के बजाय यह काम महिला समूहों को सौंपा जा सकता है. महिलाओं के समूहों को धान की मिलिंग की जिम्मेदारी देने की योजना पर भी सरकार विचार कर रही है.

नलगोंडा समेत 5 जिलों में साइलो स्टोरेज का पायलट प्रोजेक्ट

तेलंगाना में हर सीजन धान के भंडारण की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को तुरंत एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने ज्यादा धान उत्पादन वाले जिलों में साइलो बैग और साइलो स्टोरेज बनाने का पायलट प्रोजेक्ट  शुरू करने को कहा है. इसमें नलगोंडा, सूर्यापेट, निजामाबाद, पेद्दापल्ली और कामारेड्डी जैसे जिलों को शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में साइलो बैग की सुविधा बनाने के लिए 50 से 100 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. इन सुविधाओं का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के जरिए किया जाएगा. इस योजना को लेकर राजस्व, नागरिक आपूर्ति और महिला कल्याण विभाग के मंत्रियों के साथ बैठक भी की जाएगी.

धान भंडारण के लिए जर्मन टेंट और बड़े प्लेटफॉर्म पर जोर

रेवंत रेड्डी ने धान रखने के लिए उपलब्ध जगह में जर्मन टेंट लगाने और VB G Ram G योजना के तहत बड़े प्लेटफॉर्म बनाने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया. उन्होंने अधिकारियों को मंडल और गांव स्तर पर निजी गोदाम, मैरिज हॉल, पुराने सिनेमा हॉल और अन्य शेड पहले से चिन्हित करने के निर्देश भी दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर इन्हें किराये पर लेकर धान का भंडारण किया जा सके.

Published: 13 Aug, 2026 | 05:06 PM

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