खेत में गेहूं की बालियां मुड़ने लगी हैं? कृषि वैज्ञानिक से जानें कारण और इसे दूर करने का तरीका

Wheat Farming: भारत में गेहूं की फसल में कई बार बालियां टेढ़ी या मुड़ी हुई दिखाई देती हैं, जिसे किसान अक्सर कीट या रोग समझ लेते हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या अधिकतर बोरॉन नामक सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी के कारण होती है. समय पर पहचान और सही उर्वरक प्रबंधन से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है और गेहूं की पैदावार को बेहतर बनाया जा सकता है.

नोएडा | Updated On: 15 Mar, 2026 | 11:30 AM

Gehun Ki Kheti: भारत में गेहूं किसानों की सबसे अहम फसलों में से एक है और करोड़ों लोगों की भोजन जरूरत इसी पर निर्भर करती है. बेहतर बीज, आधुनिक खेती तकनीक और उर्वरकों के संतुलित उपयोग से गेहूं की पैदावार में काफी सुधार हुआ है. फिर भी कई बार किसान खेत में ऐसी समस्याएं देख लेते हैं, जिनका सही कारण समझ पाना आसान नहीं होता. अक्सर गेहूं की फसल में बालियां टेढ़ी या मुड़ी हुई दिखाई देने लगती हैं. कई किसान इसे कीट या किसी बीमारी का असर समझ लेते हैं, जबकि विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी एक बड़ी वजह मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है.

कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह बताते हैं कि कई मामलों में यह समस्या बोरॉन की कमी के कारण होती है. अगर समय रहते इसकी पहचान कर सही पोषण प्रबंधन अपनाया जाए, तो फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है और उत्पादन भी बेहतर किया जा सकता है.

गेहूं में बोरॉन की कमी क्यों होती है

बोरॉन एक महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व है जो पौधों की ग्रोथ, परागण और दाने बनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है. जब मिट्टी में बोरॉन की मात्रा कम हो जाती है तो पौधे का विकास प्रभावित होने लगता है.

बिहार स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह ने किसान इंडिया (Kisan India) को बताया कि, गेहूं की बालियों का मुड़ना या टेढ़ा होना अक्सर बोरॉन की कमी का संकेत होता है. यह समस्या उन क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिलती है जहां मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होती है.

समस्या का समाधान कैसे करें

अगर खेत में बोरॉन की कमी की पुष्टि हो जाए तो किसान कुछ आसान उपाय अपनाकर इस समस्या को नियंत्रित कर सकते हैं.

समय रहते पहचान है सबसे जरूरी

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसान समय पर मिट्टी परीक्षण कराते हैं और संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाते हैं, तो गेहूं की बालियों के मुड़ने जैसी समस्या से आसानी से बचा जा सकता है. सही पोषक तत्व प्रबंधन से न केवल फसल स्वस्थ रहती है बल्कि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है. इसलिए किसानों को फसल में दिखने वाले छोटे-छोटे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.

Published: 15 Mar, 2026 | 11:27 AM

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