कम बारिश में धान का सबसे बड़ा दुश्मन बना खरपतवार! एक्सपर्ट ने बताया बचाव का फॉर्मूला
कम बारिश के कारण धान के खेतों में खरपतवार तेजी से फैल रहा है. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, यूरिया डालने से पहले खरपतवार हटाना और 8-10 किलो सल्फर मिलाकर खाद देना फसल की बढ़वार, पोषण और उपज बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है.
Paddy Protection Tips: इस बार कम बारिश के कारण धान के खेतों में खरपतवार तेजी से फैल रहा है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार का कहना है कि किसान यदि यूरिया डालने से पहले खरपतवार नियंत्रित कर लें और सल्फर का सही उपयोग करें, तो फसल की बढ़वार और उपज दोनों बेहतर हो सकती हैं.
कम बारिश से क्यों बढ़ी खरपतवार की समस्या?
इस खरीफ सीजन में कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण धान की रोपाई प्रभावित हुई है. जिन किसानों ने सिंचाई के सहारे रोपाई की है, उनके खेतों में पानी का स्तर लगातार नहीं बन पा रहा है. यही वजह है कि खरपतवार तेजी से उग रहे हैं और धान के पौधों से पोषक तत्व व नमी छीन रहे हैं. यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है.
यूरिया डालने से पहले करें यह जरूरी काम
कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, अधिकांश किसान सीधे यूरिया का छिड़काव कर देते हैं, जबकि यह सबसे बड़ी गलती हो सकती है. खेत में यदि खरपतवार मौजूद है, तो पहले उसकी मैनुअल वीडिंग करें या फिर उपयुक्त खरपतवारनाशी का छिड़काव करें. इसके बाद ही यूरिया डालें. ऐसा करने से खाद का पूरा लाभ धान के पौधों को मिलता है और खरपतवार अनावश्यक रूप से पोषक तत्व नहीं ले पाते.
केवल NPK नहीं, जिंक और सल्फर भी हैं जरूरी
धान की अच्छी पैदावार के लिए केवल नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश पर्याप्त नहीं हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि जिंक और सल्फर की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. खेत तैयार करते समय फॉस्फोरस, पोटाश और जिंक की पूरी मात्रा दें, जबकि नाइट्रोजन की पहली एक-तिहाई मात्रा शुरुआती अवस्था में ही दें. इससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और बढ़वार तेज होती है.
पहली यूरिया 21-22 दिन पर, साथ में मिलाएं सल्फर
रोपाई के लगभग 21 से 22 दिन बाद पहली बार यूरिया का प्रयोग करना सबसे उपयुक्त माना जाता है. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार की सलाह है कि यूरिया के साथ 8 से 10 किलोग्राम सल्फर मिलाकर प्रयोग करें. इससे पौधों में पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है, पत्तियां अधिक हरी रहती हैं और फसल का समग्र विकास मजबूत होता है. साथ ही खेत में हल्का जलस्तर बनाए रखने से खरपतवार की बढ़वार भी काफी हद तक नियंत्रित की जा सकती है. कम बारिश वाले मौसम में सही समय पर खरपतवार नियंत्रण, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और सल्फर के उपयोग जैसी छोटी सावधानियां धान की उपज बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं.
47 लाख नए पात्र लोगों को मिलेगा मुफ्त राशन
उत्तर प्रदेश सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक में करीब 47 लाख नए पात्र लोगों (लगभग 20 लाख यूनिट/लाभार्थियों) को मुफ्त राशन योजना से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सत्यापन अभियान चलाकर जरूरतमंद परिवारों की पहचान की जाएगी और अंत्योदय तथा पात्र गृहस्थी राशन कार्डों का पुनः सत्यापन कराया जाएगा. अभियान का उद्देश्य अपात्र लाभार्थियों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंचाना है. वर्तमान में प्रदेश के लगभग 16 करोड़ लोग मुफ्त राशन योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिसे अब और अधिक व्यापक बनाया जाएगा.