Tip Of The Day: धान की रोपाई के बाद कब डालें पहली खाद? जानें सही समय, बढ़ेगी पैदावार

Paddy Farming Tips: धान की अच्छी पैदावार सिर्फ समय पर रोपाई करने से नहीं होती, बल्कि सही समय पर सही मात्रा में खाद देना भी उतना ही जरूरी है. कई किसान रोपाई के तुरंत बाद या जरूरत से ज्यादा यूरिया डाल देते हैं, जिससे फसल को फायदा होने के बजाय नुकसान हो सकता है. कृषि वैज्ञानिकों डॉ, प्रमोद का कहना है कि अगर खाद सही समय और सही तरीके से दी जाए, तो धान की बढ़वार बेहतर होती है और उत्पादन भी बढ़ता है. आइए जानते हैं धान की रोपाई के बाद पहली बार खाद कब डालनी चाहिए और किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 3 Aug, 2026 | 06:00 AM
1 / 6धान की रोपाई के बाद पहली टॉप ड्रेसिंग 20 से 25 दिन के बीच करना सबसे सही माना जाता है. इसी समय पौधों की बढ़वार तेज होती है और उन्हें सबसे ज्यादा नाइट्रोजन की जरूरत पड़ती है.

धान की रोपाई के बाद पहली टॉप ड्रेसिंग 20 से 25 दिन के बीच करना सबसे सही माना जाता है. इसी समय पौधों की बढ़वार तेज होती है और उन्हें सबसे ज्यादा नाइट्रोजन की जरूरत पड़ती है.

2 / 6अगर खेत की अंतिम तैयारी के समय डीएपी, पोटाश और थोड़ी मात्रा में यूरिया बेसल डोज के रूप में डाल दी गई है, तो बाद में खाद देने का सही समय 20-25 दिन बाद होता है.

अगर खेत की अंतिम तैयारी के समय डीएपी, पोटाश और थोड़ी मात्रा में यूरिया बेसल डोज के रूप में डाल दी गई है, तो बाद में खाद देने का सही समय 20-25 दिन बाद होता है.

3 / 6यूरिया डालने से पहले खेत में पानी कम रखें या हल्का पानी निकाल दें, ताकि खाद सीधे मिट्टी तक पहुंचे और पौधों को पूरा फायदा मिले.

यूरिया डालने से पहले खेत में पानी कम रखें या हल्का पानी निकाल दें, ताकि खाद सीधे मिट्टी तक पहुंचे और पौधों को पूरा फायदा मिले.

4 / 6यूरिया डालने के बाद 24 घंटे के भीतर हल्की सिंचाई या खेत में पानी भरना फायदेमंद माना जाता है. इससे खाद का असर बेहतर होता है.

यूरिया डालने के बाद 24 घंटे के भीतर हल्की सिंचाई या खेत में पानी भरना फायदेमंद माना जाता है. इससे खाद का असर बेहतर होता है.

5 / 6कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार खेत की मिट्टी की जांच कराकर ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए. जिंक या सल्फर की कमी होने पर इन पोषक तत्वों को भी शामिल करें.

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार खेत की मिट्टी की जांच कराकर ही उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए. जिंक या सल्फर की कमी होने पर इन पोषक तत्वों को भी शामिल करें.

6 / 6जरूरत से ज्यादा यूरिया देने से फसल भले हरी दिखे, लेकिन उसके गिरने और कीट-रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं बारिश की संभावना हो तो खाद डालने से बचना चाहिए, क्योंकि पोषक तत्व पानी के साथ बह सकते हैं.

जरूरत से ज्यादा यूरिया देने से फसल भले हरी दिखे, लेकिन उसके गिरने और कीट-रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं बारिश की संभावना हो तो खाद डालने से बचना चाहिए, क्योंकि पोषक तत्व पानी के साथ बह सकते हैं.

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Published: 3 Aug, 2026 | 06:00 AM

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