प्याज के रेट में गिरावट, 20 बोरी बेचने पर किसान को मिले केवल 519 रुपये.. सब्सिडी की उठी मांग

महाराष्ट्र में प्याज की गिरती कीमतों से किसान संकट में हैं. कई किसान लागत भी नहीं निकाल पा रहे. महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने किसानों के लिए 1,500 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी की मांग की है. संगठन के अनुसार, 20 बोरी प्याज बेचने के बाद एक किसान को केवल 519 रुपये ही मिले.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 9 May, 2026 | 04:36 PM

Mandi Bhav: महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट से किसान परेशान हैं. मंडियों में प्याज का रेट इतना कम हो गया है कि कई किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं. घाटे में फसल बेचने को मजबूर किसान और किसान संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है. इसी बीच महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ ने राज्य सरकार से किसानों को राहत देने के लिए 1,500 रुपये प्रति क्विंटल आर्थिक मदद देने की मांग की है. संगठन का कहना है कि बढ़ती खेती लागत और कम कीमतों ने प्याज किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर कर दी है. अब स्थिति ऐसी हो गई है 20 बोरी प्याज बेचने पर एक किसान को केवल 519 रुपये ही बचे.

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भारत दिघोले ने कहा है कि बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी, सिंचाई, बिजली, परिवहन और भंडारण का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि प्याज के दाम लगातार गिर रहे हैं. ऐसे में किसनों की स्थिति खराब होती जा रहा है. इसलिए सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और 1500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी देनी चाहिए.

किसान को मिले केवल 519 रुपये

भारत दिघोले ने कहा कि प्याज किसानों को अपनी फसल की लागत तक नहीं मिल पा रही है. उन्होंने कहा कि बीड जिले के नेकनूर गांव का एक किसान सोलापुर मंडी में बेचने के लिए 41 बोरी प्याज लाया था, लेकिन उसमें से सिर्फ 20 बोरी ही बिक सकी. मजदूरी, कमीशन, मंडी शुल्क, परिवहन और अन्य खर्च काटने के बाद किसान के हाथ में केवल 519 रुपये ही बचे.

किसानों को नहीं मिल रहा मार्केट में रेट

भारत दिघोले ने कहा कि एक अन्य मामले में नासिक जिले के सताना कृषि उपज मंडी में एक प्याज किसान  को अपनी फसल के लिए केवल 50 रुपये प्रति क्विंटल यानी 50 पैसे प्रति किलो का भाव मिला. महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अनुसार, इस घटना के बाद किसान ने मंडी परिसर में आत्महत्या करने की कोशिश की. इसके अलावा छत्रपति संभाजीनगर जिले की वैजापुर मंडी में किसानों ने धरना दिया और कम दाम मिलने के विरोध में प्याज की नीलामी रोक दी.

1500 रुपये क्विंटल सब्सिडी की मांग

भारत दिघोले ने मांग की कि राज्य और केंद्र सरकार प्रभावित प्याज किसानों  को तुरंत 1500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी दें. साथ ही उन्होंने प्याज पर निर्यात प्रतिबंध हटाने, मंडी समितियों में कमीशन को नियंत्रित करने, किसानों को सीधे बाजार तक पहुंच देने और प्याज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने की भी मांग की. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की भी अपील की. संध ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही राहत के उपाय नहीं किए गए, तो पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

महाराष्ट्र की मंडियों में प्याज का रेट

महाराष्ट्र की अलग-अलग कृषि उपज मंडियों में प्याज के दामों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. Agmarknet के आंकड़ों के मुताबिक, अहमदनगर एपीएमसी में 7 मई को प्याज की बड़ी आवक दर्ज की गई. मंडी में करीब 4,827.80 मीट्रिक टन उन्हाली किस्म का प्याज पहुंचा. यहां प्याज का न्यूनतम भाव 150 रुपये प्रति क्विंटल, अधिकतम भाव 1,250 रुपये प्रति क्विंटल और मॉडल भाव 750 रुपये प्रति क्विंटल रहा. इसी तरह अकलूज एपीएमसी में 3 मई को प्याज की कुल 28.20 मीट्रिक टन आवक दर्ज की गई. मंडी में प्याज का न्यूनतम भाव 200 रुपये प्रति क्विंटल और अधिकतम भाव 1,300 रुपये प्रति क्विंटल रहा. वहीं, प्याज का मॉडल रेट 700 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.

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Published: 9 May, 2026 | 04:31 PM
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