शिवराज ने कांग्रेस को बताया भ्रम फैलाने वाला, बोले- किसानों के हितों से नहीं होगा समझौता

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस ट्रेड डील से देश की प्रमुख फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि गेहूं, मक्का, चावल, सोयाबीन और मोटे अनाज जैसी मुख्य फसलों पर ऐसी कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है, जिससे घरेलू किसानों को नुकसान पहुंचे. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि डेयरी और पोल्ट्री जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 14 Feb, 2026 | 09:00 AM

India US trade deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. जहां विपक्ष इस डील पर सवाल उठा रहा है, वहीं केंद्र सरकार इसे किसानों और देश के हित में बता रही है. इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया गया है और विपक्ष जानबूझकर भ्रम फैला रहा है.

नई दिल्ली में आयोजित आईसीएआर-आईएआरआई (ICAR-IARI) के 64वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार ने जो भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, वे सभी राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका ही नहीं, यूरोप और अन्य देशों के साथ हुए समझौते भी देश और किसानों के हित में हैं.

“किसानों को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है”

शिवराज सिंह चौहान ने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे पर अनावश्यक हंगामा खड़ा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह कहा जा रहा है कि देश लुट गया, सब कुछ बर्बाद हो गया और राष्ट्र बेच दिया गया, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है.

चौहान ने कहा कि किसानों की ताकत को कुछ लोग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए वे झूठ फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी समझौते में उनकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा गया है.

किन फसलों पर नहीं होगा असर?

कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस ट्रेड डील से देश की प्रमुख फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि गेहूं, मक्का, चावल, सोयाबीन और मोटे अनाज जैसी मुख्य फसलों पर ऐसी कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है, जिससे घरेलू किसानों को नुकसान पहुंचे.

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि डेयरी और पोल्ट्री जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है. सरकार ने इन क्षेत्रों में किसी भी तरह की ऐसी व्यवस्था नहीं की है जिससे विदेशी उत्पादों की वजह से भारतीय किसानों को नुकसान हो.

विकसित भारत का लक्ष्य और किसानों की भूमिका

अपने भाषण में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा. उन्होंने 2047 तक भारत को दुनिया की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया.

उन्होंने इसे “विकसित भारत” के निर्माण का महायज्ञ बताते हुए युवाओं और किसानों से आह्वान किया कि वे इस लक्ष्य में अपना योगदान दें. चौहान ने कहा कि देश आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और हर कदम उसी दिशा में उठाया जा रहा है. इस अवसर पर कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, भागीरथ चौधरी, आईसीएआर के महानिदेशक एम.एल. जाट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

कृषि भंडारण ढांचे पर सरकार का दावा

राज्यसभा में एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का बुनियादी ढांचा तैयार किया है. उन्होंने दावा किया कि इस इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से फल, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों को होने वाले नुकसान में लगभग 15 प्रतिशत तक कमी आई है.

उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने इस दिशा में पर्याप्त काम नहीं किया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की जरूरतों को समझते हुए बड़े स्तर पर भंडारण और संरक्षण सुविधाएं विकसित की हैं. उनका कहना था कि राजनीति केवल सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज और किसानों की सेवा के लिए होनी चाहिए.

राजनीतिक विवाद के बीच बड़ा संदेश

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर चल रही बहस के बीच शिवराज सिंह चौहान का बयान सरकार का स्पष्ट रुख सामने रखता है. एक ओर विपक्ष इसे किसान विरोधी बता रहा है, तो दूसरी ओर सरकार दावा कर रही है कि सभी समझौते देश और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर किए गए हैं.

आने वाले समय में यह मुद्दा और राजनीतिक रूप से गरमा सकता है, खासकर तब जब देश के अलग-अलग हिस्सों में किसान संगठनों की प्रतिक्रिया सामने आएगी. फिलहाल केंद्र सरकार का कहना है कि भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं और भारत वैश्विक व्यापार में मजबूत स्थिति के साथ आगे बढ़ रहा है.

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