धान के बाद गेहूं घोटाला! 6 आढ़तियों के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज.. ऐसे हुआ खुलासा
हरियाणा में गेहूं खरीद घोटाले का मामला सामने आया है, जहां यूपी के गेहूं को फर्जी तरीके से करनाल के किसानों के नाम पर एमएसपी पर बेचा गया. जांच के बाद छह आढ़तियों पर एफआईआर दर्ज हुई है. सरकारी सप्लाई वाले गेहूं में ईंटें मिलाने का मामला भी सामने आया है.
Wheat Scam: हरियाणा में पिछले खरीफ सीजन में धान खरीद घोटाले के आरोपों के बाद अब गेहूं खरीद सीजन में भी कई गड़बड़ियां सामने आई हैं. जांच में पता चला कि उत्तर प्रदेश के गैर-पंजीकृत किसानों का गेहूं फर्जी तरीके से करनाल के किसानों के नाम पर जिले की अलग-अलग मंडियों में बेचा गया. मामले की जांच के बाद करनाल, इंद्री और बियाना सब-यार्ड के छह आढ़तियों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. यह कार्रवाई एडीसी राहुल राय्या की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई.
जांच में सामने आया कि कुछ व्यापारियों ने ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की बची हुई मात्रा का गलत इस्तेमाल किया. आरोप है कि उत्तर प्रदेश से आए गेहूं को हरियाणा के किसानों के नाम पर सिस्टम में दर्ज कर एमएसपी पर बेचा गया. अब पुलिस यह जांच करेगी कि यह गेहूं कहां से आया, इसे कम कीमत पर खरीदा गया था या नहीं और इसे सरकारी रिकॉर्ड में कैसे शामिल किया गया. इससे पहले एडीसी राहुल राय्या की टीम ने यूपी से गेहूं खरीदने के आरोप में 13 आढ़तियों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए थे. इनमें करनाल मंडी के 4, इंद्री के 6 और बियाना सब-यार्ड के 3 आढ़ती शामिल हैं. वहीं घरौंडा मंडी में जांच के बाद कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को वापस भेज दिया गया.
गड़बड़ी से सरकार को आर्थिक नुकसान
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, आढ़तियों की इस कथित गड़बड़ी से सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ है और गेहूं खरीद व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हुए हैं. इसी वजह से राज्य सरकार ने इस सीजन में कई सख्त नियम लागू किए थे. इसके तहत किसानों का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया. साथ ही गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ किसान की फोटो, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और मंडियों व गोदामों की जियो-फेंसिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं, ताकि गेहूं की आवाजाही पर रियल टाइम नजर रखी जा सके.
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छह आढ़तियों के खिलाफ एफआईआर
राहुल राय्या ने कहा है कि उत्तर प्रदेश से गेहूं खरीदने के मामले में छह आढ़तियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें इंद्री मंडी के तीन, बियाना सब-यार्ड के दो और करनाल मंडी का एक आढ़ती शामिल है. वहीं सरकारी सप्लाई के लिए भेजे जाने वाले गेहूं के कट्टों में ईंटें मिलाने के आरोप में एक फर्म के खिलाफ अलग मामला दर्ज किया गया है. इंद्री थाना में संदीप कुमार, जय भगवान, अरुण कुमार, राय सिंह और अंकित कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और खरीद प्रणाली के दुरुपयोग का मामला दर्ज हुआ है. वहीं हरमीत कौर के खिलाफ सिटी थाना में केस दर्ज किया गया. इसके अलावा कुंजपुरा मंडी के दीपक पर गेहूं के कट्टों में ईंटें मिलाने का आरोप लगा है.
एडीसी की अगुवाई में एक जांच टीम बनाई गई
उप आयुक्त आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश से गेहूं लाकर करनाल की मंडियों में बेचने की शिकायत मिलने के बाद एडीसी की अगुवाई में एक जांच टीम बनाई गई थी. टीम ने पूरे मामले की जांच कर तथ्यों की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि मामले की आगे भी जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र बिजारनिया ने कहा कि मार्केट कमेटी सचिवों की शिकायत पर तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें दो मामले यूपी से गेहूं खरीदने और एक मामला सरकारी सप्लाई वाले गेहूं में ईंटें मिलाने से जुड़ा है. पुलिस ने सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है.