डेयरी किसान ध्यान दें! गर्मी में गायों को हीट स्ट्रेस से बचाने के लिए जरूर करें ये उपाय, नहीं तो घट सकता है उत्पादन

Dairy Farming Tips: गर्मी के मौसम में डेयरी गायों में हीट स्ट्रेस की समस्या बढ़ जाती है, जिससे उनकी सेहत और दूध उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं. साफ पीने का पानी, पशुशाला में उचित वेंटिलेशन, छाया की व्यवस्था और सही समय पर चराई जैसे आसान उपाय अपनाकर किसान अपने पशुओं को गर्मी से बचा सकते हैं और दूध उत्पादन को बनाए रख सकते हैं.

नोएडा | Updated On: 8 Mar, 2026 | 11:50 AM

Heat Stress Management In Cows: गर्मी का मौसम डेयरी किसानों के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है. जब तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो गायों और भैंसों में हीट स्ट्रेस (Heat Stress) की समस्या बढ़ जाती है. पशुपालन विभाग (Department of Animal Husbandry) के अनुसार, इससे पशुओं की भूख कम हो जाती है, दूध उत्पादन घटने लगता है और उनकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे कुछ आसान और व्यावहारिक उपाय अपनाएं, जिससे पशुओं को गर्मी से राहत मिल सके और उनका उत्पादन भी बना रहे.

साफ और ठंडा पानी हमेशा उपलब्ध कराएं

गर्मी के मौसम में पशुओं को साफ और ताजा पानी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है. पर्याप्त पानी मिलने से गायें अपने शरीर के तापमान को नेचुरल तरीके से नियंत्रित कर पाती हैं. इसलिए ध्यान रखें कि पशुशाला में पानी की हमेशा पर्याप्त व्यवस्था हो. पानी साफ हो और उसे नियमित रूप से बदला जाए, ताकि पशु बिना किसी परेशानी के पानी पी सकें. अगर संभव हो तो पशुओं को दिन में कई बार पानी पीने का मौका दें, इससे उनके शरीर में पानी की कमी नहीं होती.

पशुशाला में हवा की व्यवस्था करें

गर्मी से राहत दिलाने के लिए पशुशाला में हवा का अच्छा प्रवाह होना बहुत जरूरी है. इसके लिए किसान शेड में पंखे या वेंटिलेशन की व्यवस्था कर सकते हैं. शेड में हवा आने-जाने के लिए उचित जगह होना चाहिए, जिससे गर्म हवा बाहर निकल सके और ठंडी हवा अंदर आ सके. साथ ही शेड की खिड़कियां और वेंटिलेशन इस तरह बनाए जाएं कि ताजी हवा लगातार अंदर आती रहे.

गर्म मौसम में चराई का समय बदलें

तेज धूप में पशुओं को चराने ले जाना उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए गर्मियों में चराई का समय बदलना बेहतर रहता है.किसान कोशिश करें कि पशुओं को रात के समय या सुबह-शाम के ठंडे समय में ही चराने ले जाएं. इससे पशुओं पर गर्मी का असर कम पड़ता है.

छाया की उचित व्यवस्था करें

गर्मी के दिनों में पशुओं को धूप से बचाने के लिए छाया की व्यवस्था करना बहुत जरूरी है. पशुशाला के अंदर और खुले चरागाह दोनों जगह छाया होनी चाहिए. पशुओं के आराम करने वाली जगह पर छाया होने से उन्हें गर्मी से राहत मिलती है और उनका तनाव भी कम होता है. साथ ही अगर पशुशाला में बहुत ज्यादा पशु रखे जाते हैं, तो वहां गर्मी और उमस बढ़ जाती है. इससे पशुओं में हीट स्ट्रेस का खतरा और बढ़ जाता है. इसलिए शेड में अधिक भीड़भाड़ से बचना चाहिए. कम पशु होने से हवा का प्रवाह बेहतर रहता है और तापमान भी नियंत्रित रहता है.

लंबे समय तक खड़े रहने से बचाएं

गर्मी के समय पशुओं को लंबे समय तक खड़ा रखना भी उनके लिए परेशानी पैदा कर सकता है. खासकर दूध निकालने से पहले उन्हें ज्यादा देर तक खड़ा नहीं रखना चाहिए. अगर पशुओं को आराम करने का पर्याप्त समय दिया जाए, तो उनका शारीरिक तनाव कम रहता है.

दिन में कई बार चारा दें

गर्मी के मौसम में पशुओं की भूख कम हो जाती है. इसलिए उन्हें दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा चारा देना बेहतर होता है. इससे पशु नियमित रूप से भोजन करते रहते हैं और उनका पोषण भी सही बना रहता है. सही आहार मिलने से दूध उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. गर्मी के मौसम में डेयरी पशुओं की सही देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. साफ पानी, अच्छी हवा, पर्याप्त छाया और संतुलित आहार जैसी छोटी-छोटी व्यवस्थाएं पशुओं को हीट स्ट्रेस से बचाने में मदद करती हैं.

Published: 8 Mar, 2026 | 11:49 AM

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