Potato Farming: बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित कई राज्यों में पाला और शीतलहर के साथ कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इससे बागवानी फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंच रहा है. लेकिन सबसे ज्यादा चिंतित आलू किसान हैं. क्योंकि आलू में रोग लगने का खतरा बढ़ गया है. किसानों का कहना है कि अगर कुछ दिनों तक ऐसी ही ठंड पड़ती रही, तो आलू की फसल चौपट हो सकती है. इससे पैदावार में गिरावट आएगी. ऐसे में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. लेकिन आलू किसानों को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है. आज हम ऐसे कुछ उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाते ही आलू की फसल ठंड, पाला और शीतलहर से बच जाएगी.
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, आलू पाले के प्रति बेहद संवेदनशील फसल है. जब दिन में तापमान सामान्य रहता है और रात में अचानक 7 से 9 डिग्री तक गिरावट आ जाती है, तो ओस जमकर बर्फ बन जाती है. यह बर्फ आलू की पत्तियों पर जमकर उन्हें नुकसान पहुंचाती है, पत्तियां फट जाती हैं और झुलसा रोग का खतरा बढ़ जाता है. इससे पौधों की बढ़वार रुक जाती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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खेत में इस दवा का करें छिड़काव
एक्सपर्ट का कहना है कि पाले से बचाव के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं. सुबह फसल को धूप मिल सके इसके लिए खेत से खरपतवार हटाएं. 2-3 ग्राम सल्फर को एक लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करें. इससे ठंड और फफूंद दोनों से बचाव होता है. खेत की मेड़ों पर अरहर, मक्का या सरसों जैसी ऊंची फसलें लगाएं, ताकि ठंडी हवा रोकी जा सके. मौसम की जानकारी पर ध्यान दें और अगर तापमान गिरने की संभावना हो, तो रात में हल्की सिंचाई या धुएं का इंतजाम करें. विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतने से आलू की फसल को पाले और ठंड से सुरक्षित रखा जा सकता है.
किसानों को आलू की खेती से होगी बंपर कमाई
एक किसान ने कहा कि वे अपने दो एकड़ जमीन पर आलू की खेती करते हैं. इसके अलावा वे पशुपालन और कई एकड़ पर सब्जियों की भी खेती करते हैं. उन्होंने कहा कि वे मक्का की खेती भी करते हैं और इस सीजन में लगभग 10 लाख रुपये की कमाई हुई है. आलू की फसल में समय-समय पर अलग-अलग छिड़काव किए जाते हैं. इस बार शुरुआत में ओस कम थी, लेकिन अब अच्छी ओस पड़ रही है, जिससे फसल को फायदा मिल रहा है.