पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी! बिना जमानत मिलेगा ₹2 लाख तक लोन, समय पर चुकाने पर 3 फीसदी ब्याज माफ, जानें

Animal Husbandry: पशुपालन और डेयरी से जुड़े किसानों के लिए सरकार की एक ऐसी सुविधा सामने आई है, जो कम पूंजी में बड़ा सहारा दे सकती है. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए पशुपालकों को आसान शर्तों पर लोन देने की व्यवस्था की गई है, जिससे वे अपने काम का विस्तार कर सकें. खास बात यह है कि इस योजना में कम ब्याज दर और अतिरिक्त छूट जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं, जिससे लागत घटती है और मुनाफा बढ़ाने का मौका मिलता है.

नोएडा | Updated On: 25 Feb, 2026 | 04:38 PM

Kisan Credit Card: ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आज सिर्फ पारंपरिक काम नहीं, बल्कि आय का मजबूत स्रोत बन चुका है. इसी को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा (Dept. of Animal Husbandry & Dairying) किसानों और पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत सस्ती दर पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है. इस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को समय पर पूंजी उपलब्ध कराना है, ताकि वे चारा, दवाइयां, पशुओं की देखभाल और डेयरी से जुड़े अन्य खर्च आसानी से उठा सकें.

बिना जमानत कितनी मिलती है राशि?

केसीसी (KCC) के तहत पशुपालकों को बिना किसी जमानत के ₹2 लाख तक का लोन मिल सकता है. यह सुविधा छोटे और मध्यम स्तर के पशुपालकों के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि उन्हें बैंक से लोन लेने के लिए संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे वे बिना किसी दबाव के अपने बिजनेस को आगे बढ़ा सकते हैं. यह राशि पशुओं की खरीद, शेड बनाने, चारा भंडारण और दैनिक खर्चों के लिए उपयोग की जा सकती है.

जमानत के साथ बढ़ती है सीमा

अगर पशुपालक अधिक राशि लेना चाहते हैं, तो जमानत के आधार पर ₹3 लाख तक का लोन लिया जा सकता है. बड़ी डेयरी इकाई चलाने वाले या पशुओं की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह विकल्प उपयोगी है. पर्याप्त पूंजी मिलने से वे अपने काम को बड़े स्तर पर विस्तार दे सकते हैं और आय में वृद्धि कर सकते हैं. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम ब्याज दर है. केसीसी के तहत पशुपालकों को केवल 7% वार्षिक ब्याज पर लोन मिलता है. इतना ही नहीं, अगर ऋण का भुगतान समय पर किया जाए तो सरकार की ओर से 3% अतिरिक्त ब्याज में छूट भी दी जाती है (₹2 लाख तक के लोन पर). यानी ब्याज दर और कम हो जाती है, जिससे लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है.

किन खर्चों में कर सकते हैं उपयोग?

पशुपालक इस लोन का इस्तेमाल पशुओं की खरीद, हरे और सूखे चारे की व्यवस्था, टीकाकरण, दवाइयों, डेयरी उपकरणों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए कर सकते हैं. समय पर पूंजी मिलने से काम में रुकावट नहीं आती और उत्पादन भी प्रभावित नहीं होता. इससे दूध उत्पादन बढ़ाने और बाजार में बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलती है.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

केसीसी के माध्यम से सस्ता और आसान ऋण मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को नई दिशा मिल रही है. छोटे पशुपालक भी अब आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अपनी आय में स्थिरता ला पा रहे हैं. कम ब्याज और आसान शर्तों के कारण यह योजना पशुपालकों के लिए लाभकारी साबित हो रही है.

कुल मिलाकर, किसान क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाला यह लोन पशुपालन को मजबूत करने का एक असरदार साधन है. सही योजना और समय पर भुगतान की आदत से पशुपालक कम लागत में ज्यादा लाभ कमा सकते हैं और अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं.

Published: 25 Feb, 2026 | 06:38 PM

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