Tip Of The Day: गर्मी में गाय-भैंस को खिलाएं ये खास घास… दूध नहीं होगा कम, कम खर्च में मिलेगा ज्यादा फायदा
Dairy Farming Tips: गर्मी के मौसम में पशुओं का दूध कम होना बड़ी समस्या बन जाती है, लेकिन सही चारा इसे रोक सकता है. हाथी घास एक सस्ता और असरदार विकल्प है, जो पशुओं को ताकत देता है और दूध उत्पादन बनाए रखने में मदद करता है. इससे पशु स्वस्थ रहते हैं और पशुपालकों को भी फायदा होता है.
Animal Husbandry Tips: गर्मी का मौसम आते ही पशुपालकों की चिंता बढ़ जाती है. तेज धूप, लू और बढ़ता तापमान सीधे गाय-भैंस की सेहत और दूध पर असर डालता है. कई बार तो पशु दूध देना कम कर देते हैं और जल्दी बीमार भी पड़ जाते हैं. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, अगर सही चारे का चुनाव कर लिया जाए, तो इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है. ऐसे में हाथी घास यानी नेपियर घास पशुपालकों के लिए एक आसान और सस्ता समाधान बनकर सामने आई है, जो गर्मी में भी पशुओं को ताकत और ठंडक दोनों देती है.
गर्मी में रामबाण है हाथी घास
पशु विशेषज्ञ कुंवर घनश्याम के अनुसार, नेपियर घास गर्मी के मौसम में दुधारू पशुओं के लिए बहुत फायदेमंद होती है. यह घास पौष्टिक होती है और इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो पशुओं को ऊर्जा देते हैं. अगर इसे रोजाना चारे में शामिल किया जाए, तो गर्मी के कारण दूध उत्पादन में गिरावट नहीं आती. यानी भले ही दूध ज्यादा न बढ़े, लेकिन कम भी नहीं होता, जो पशुपालकों के लिए बड़ी राहत की बात है.
एक बार लगाएं, सालों तक फायदा उठाएं
हाथी घास की सबसे खास बात यह है कि इसे बार-बार लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. एक बार खेत में लगाने के बाद यह 3 से 4 साल तक लगातार चलती रहती है. साल में 6 से 8 बार इसकी कटाई की जा सकती है, जिससे हमेशा हरा चारा मिलता रहता है. इसकी लंबाई भी काफी ज्यादा होती है और एक पौधे से कई नई टहनियां निकलती हैं, जिससे उत्पादन भी भरपूर होता है. इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है.
- बिहार में पहली बार होने जा रहा ग्रीन-टेक कॉन्क्लेव! किसानों को मिलेगा खेती का भविष्य बदलने वाला मौका, जानें
- मार्च में मक्का की फसल पर मंडरा रहा खतरा! किसान जरूर करें ये 5 जरूरी काम, वरना उत्पादन हो सकता है कम
- मार्च में नींबू के बागों में न करें ये गलतियां, वरना गिर सकते हैं फूल! एक्सपर्ट से जानें बचाव के टिप्स
कम खर्च में ज्यादा मुनाफा
यह घास कम पानी में भी आसानी से उग जाती है और इसकी लागत भी बहुत ज्यादा नहीं होती. छोटे और मध्यम पशुपालकों के लिए यह बहुत अच्छा विकल्प है. इसे काटकर मशीन से छोटे-छोटे टुकड़ों में पशुओं को खिलाया जाता है, जिससे वे आसानी से खा लेते हैं. ज्यादा मात्रा में खिलाने पर भी इसका कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह पशुओं की सेहत को बेहतर ही बनाती है.
दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर
हाथी घास खिलाने से सिर्फ दूध की मात्रा ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी सुधरती है. इस घास में मौजूद पोषक तत्व पशुओं को अंदर से मजबूत बनाते हैं और उन्हें गर्मी से राहत देते हैं. इससे पशु ज्यादा स्वस्थ रहते हैं और बीमारियां भी कम होती हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि यह घास पशुओं को ठंडक देती है, जिससे वे लू और गर्मी के असर से बचे रहते हैं. गर्मी के इस मुश्किल मौसम में अगर पशुपालक सही चारे का चुनाव कर लें, तो वे अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और दूध उत्पादन को भी बनाए रख सकते हैं. हाथी घास एक ऐसा ही आसान, सस्ता और फायदेमंद विकल्प है, जिसे अपनाकर पशुपालक बिना ज्यादा मेहनत के अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.