बिना बड़ी लागत शुरू करें कमाई! बिहार सरकार ने 51 लाभुकों को दीं 153 बकरियां, जानें पूरी योजना

बिहार सरकार ने नवादा जिले के रजौली में समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत 51 लाभुकों को 153 बकरियां वितरित की हैं. इस योजना में 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया गया है. सरकार का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और बकरी पालन के जरिए स्वरोजगार को मजबूत बनाना है.

नोएडा | Updated On: 5 Jul, 2026 | 07:25 PM

Bihar Goat Scheme: बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के पशुपालन निदेशालय की ओर से राज्य योजनांतर्गत समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना के तहत नवादा जिले के रजौली प्रखंड में 51 चयनित लाभुकों के बीच 153 बकरियों का वितरण किया गया. इस योजना के तहत प्रत्येक लाभुक को तीन-तीन बकरियां 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदानित दर पर उपलब्ध कराई गईं. विभाग का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना और पशुपालन को लाभदायक व्यवसाय के रूप में विकसित करना है.

रजौली, सिरदला और गोविंदपुर के लाभुकों को मिला फायदा

बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, इस वितरण कार्यक्रम में रजौली प्रखंड के 39, सिरदला प्रखंड के 9 और गोविंदपुर प्रखंड के 3 लाभुक शामिल रहे. कुल 51 लाभुकों में से 45 अनुसूचित जाति वर्ग के हैं, जबकि 6 लाभुक सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग से हैं. योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. विभाग का मानना है कि बकरी पालन  कम लागत में अधिक आय देने वाला व्यवसाय है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

विशेषज्ञों ने बताए वैज्ञानिक बकरी पालन के फायदे

विभाग के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान जिला पशुपालन पदाधिकारी नवादा डॉ. दीपक कुमार कुशवाहा ने लाभुकों को बकरी पालन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन किया जाए तो यह किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए आय का मजबूत स्रोत बन सकता है. वहीं पशु शल्य चिकित्सक डॉ. संजय कुमार ने बकरी पालन को व्यवसाय  के रूप में विकसित करने के तरीके बताए. उन्होंने पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, समय पर टीकाकरण, संतुलित आहार और उचित देखभाल पर विशेष जोर दिया.

सरकार का लक्ष्य स्वरोजगार और पशुपालन को बढ़ावा देना

बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, जिला नोडल पदाधिकारी (बकरी विकास) डॉ. जे.के. दीपक ने समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना  के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने लाभुकों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की भी जानकारी दी. विभाग का कहना है कि इस तरह की योजनाओं से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे तथा राज्य में पशुपालन क्षेत्र का विस्तार होगा. सरकार आगे भी पात्र लाभुकों तक ऐसी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अभियान जारी रखेगी.

Published: 5 Jul, 2026 | 10:30 PM

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