ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प मुर्गी करेगी मालामाल! 400 रुपये किलो तक बिकता मांस, सालभर में देती 300 अंडे

अगर मुर्गी पालन से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प नस्ल बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह साल में 250-300 अंडे देती है, जबकि इसका मांस 300 रुपये-400 रुपये प्रति किलो तक बिकता है. कम खर्च में पालन और बेहतर बाजार मूल्य इसे किसानों के लिए फायदे का सौदा बनाते हैं.

नोएडा | Published: 27 Jul, 2026 | 02:03 PM

Black Australorp Chicken: मुर्गी पालन आज ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बनता जा रहा है. बेहतर उत्पादन और बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण कई किसान अब पारंपरिक नस्लों के साथ उन्नत देसी नस्लों को भी अपना रहे हैं. ऐसी ही एक लोकप्रिय नस्ल ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प है, जो अपनी अधिक अंडा उत्पादन क्षमता, मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता और महंगे मांस के कारण मुर्गी पालकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि कम लागत में बेहतर उत्पादन देने वाली यह नस्ल छोटे और मध्यम स्तर के पोल्ट्री फार्म के लिए लाभदायक विकल्प साबित हो सकती है.

साल में 250 से 300 अंडे देने की क्षमता

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया की नस्ल है, जिसे भारत में भी सफलतापूर्वक पाला जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी अंडा उत्पादन  क्षमता है. यह मुर्गी सामान्य देखभाल में सालभर में लगभग 250 से 300 अंडे देने में सक्षम मानी जाती है. यह करीब 5 से 6 महीने की उम्र में अंडा देना शुरू कर देती है. इसके अंडे अन्य सामान्य मुर्गियों के अंडों की तुलना में आकार में थोड़े छोटे और हल्के लाल रंग के दिखाई देते हैं. स्थानीय बाजारों में इन अंडों की कीमत 12 से 17 रुपये प्रति पीस तक मिल सकती है, जिससे मुर्गी पालकों को नियमित आय का अच्छा स्रोत मिलता है.

मांस की बाजार में अच्छी मांग, कीमत भी अधिक

ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प का मांस स्वाद और गुणवत्ता के कारण बाजार में काफी पसंद किया जाता है. कई क्षेत्रों में इसका मांस 300 से 400 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिकता है, जो सामान्य ब्रॉयलर मुर्गियों  की तुलना में अधिक कीमत दिला सकता है. यही कारण है कि इस नस्ल का पालन करने वाले किसानों को अंडों के साथ-साथ मांस बिक्री से भी अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है. यदि मुर्गी पालन को व्यावसायिक रूप से किया जाए तो यह नस्ल बेहतर मुनाफा देने वाली साबित हो सकती है.

पहचान आसान, पालन भी कम खर्चीला

ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प की पहचान करना बेहद आसान है. इसका पूरा शरीर चमकदार काले रंग का होता है, जबकि इसकी कलगी लाल रंग की होती है. यह नस्ल अपेक्षाकृत निरोगी मानी जाती है और सामान्य परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन करती है. इसे अनाज आधारित सामान्य आहार पर भी पाला जा सकता है, जिससे चारे की लागत नियंत्रित रहती है. हालांकि, बेहतर उत्पादन और स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, साफ पानी, स्वच्छ शेड, नियमित टीकाकरण  और जैव सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी है. पोल्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि सही प्रबंधन के साथ ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प मुर्गी पालन किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए आय बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकती है.

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