Dairy Business: डेयरी खोलने का मौका! सरकार देगी 10 लाख तक लोन, ब्याज पर भी बड़ी राहत
How To Start Milk Business: डेयरी कारोबार शुरू करने वालों के लिए आचार्य विद्यासागर योजना बड़ा सहारा बन सकती है. योजना के तहत पांच या अधिक दुधारू पशुओं के साथ डेयरी शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत हो सकती है. बैंक से 75 प्रतिशत तक लोन और ब्याज में राहत मिलेगी.
Acharya Vidyasagar Yojana: दूध का कारोबार शुरू करने की सोच रहे लोगों के लिए सरकार की एक योजना काफी मददगार साबित हो सकती है. अगर आपके पास डेयरी शुरू करने के लिए बड़ी रकम नहीं है, तो भी आप इस योजना के जरिए अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं. आचार्य विद्यासागर योजना के तहत पांच या उससे अधिक दुधारू पशुओं के साथ डेयरी शुरू करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जा सकती है. खास बात यह है कि परियोजना लागत का बड़ा हिस्सा बैंक लोन के जरिए जुटाया जा सकता है और ब्याज पर भी सरकार की ओर से राहत मिलती है.
10 लाख की डेयरी परियोजना पर मिलेगा 7.50 लाख तक लोन
इस योजना के तहत डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक हिस्सा बैंक लोन के रूप में लिया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर अगर आपकी डेयरी परियोजना की कुल लागत 10 लाख रुपये है, तो बैंक से अधिकतम 7.50 लाख रुपये तक का ऋण लिया जा सकता है. बाकी 2.50 लाख रुपये की व्यवस्था मार्जिन मनी और हितग्राही के अपने अंशदान से करनी होगी. योजना के तहत कम से कम पांच दुधारू पशुओं के साथ डेयरी शुरू करने का प्रावधान है. इससे छोटे स्तर पर शुरुआत कर धीरे-धीरे दूध उत्पादन और कारोबार का विस्तार किया जा सकता है.
लोन के साथ ब्याज पर भी सरकार देगी राहत
डेयरी व्यवसाय शुरू करने वालों के लिए इस योजना की खासियत केवल लोन की सुविधा तक सीमित नहीं है. बैंक से लिए गए ऋण पर ब्याज में भी राहत का प्रावधान किया गया है. योजना के तहत पांच प्रतिशत सालाना ब्याज की दर से ब्याज प्रतिपूर्ति का लाभ अधिकतम सात साल तक मिल सकता है. हालांकि ब्याज प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा 25 हजार रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित है. यदि बैंक की ब्याज दर पांच प्रतिशत से अधिक रहती है, तो पांच प्रतिशत से ऊपर लगने वाले ब्याज की रकम हितग्राही को खुद चुकानी होगी.
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मार्जिन मनी से कम होगी अपनी जेब से लगने वाली रकम
योजना में लाभार्थियों के लिए मार्जिन मनी की सुविधा भी रखी गई है. सामान्य वर्ग के हितग्राही को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी मिल सकती है, जिसकी अधिकतम सीमा 1.50 लाख रुपये है. इससे डेयरी शुरू करने के लिए खुद से लगाई जाने वाली रकम का बोझ कम हो सकता है. वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों के लिए मार्जिन मनी का प्रावधान और अधिक है. इन वर्गों के पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तक, अधिकतम दो लाख रुपये की मार्जिन मनी मिल सकती है.
पांच पशुओं से शुरुआत, बढ़ा सकते हैं दूध का कारोबार
आचार्य विद्यासागर योजना उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो पशुपालन के जरिए नियमित आमदनी का साधन बनाना चाहते हैं. योजना के तहत पांच या उससे अधिक दुधारू पशुओं के साथ डेयरी शुरू करने का अवसर मिलता है. अधिकतम 10 लाख रुपये की परियोजना लागत के साथ पशु खरीद, डेयरी से जुड़ी जरूरतों और कारोबार को व्यवस्थित तरीके से शुरू किया जा सकता है. यानी जिन लोगों के पास डेयरी शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है, उनके लिए बैंक लोन, मार्जिन मनी और ब्याज राहत का यह संयोजन कारोबार शुरू करने में मददगार बन सकता है. पात्रता और आवेदन से जुड़ी शर्तों की जानकारी संबंधित विभाग या अधिकृत माध्यम से जांचने के बाद ही आवेदन करना चाहिए.