Goat Farming: बकरियों को रोज 500 ग्राम अजोला खिलाएं, दूध बढ़ेगा और चारे का खर्च भी होगा कम

Azolla Feed: बकरी पालन करने वाले किसानों के लिए अजोला सस्ता, पौष्टिक और आसानी से तैयार होने वाला हरा चारा है. रोज 500 ग्राम अजोला खिलाने से दूध उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है. इसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जिससे चारे की लागत घटती है और बकरियों की सेहत बेहतर रहती है.

नोएडा | Updated On: 5 Apr, 2026 | 07:46 PM

Goat Farming: बकरी पालन में सबसे बड़ी चिंता होती है अच्छा और सस्ता चारा. अगर चारा महंगा हो जाए, तो मुनाफा सीधा कम हो जाता है. ऐसे में किसानों के लिए एक ऐसा हरा चारा सामने आया है, जो कम लागत, ज्यादा पोषण और बेहतर दूध उत्पादन-तीनों फायदे एक साथ देता है. इस चारे का नाम है अजोला. केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के डॉ. वाई. के. सोनी के अनुसार अजोला बकरियों के लिए किसी सुपरफूड से कम नहीं है. यह पानी में उगने वाला हरा चारा है, जिसे किसान घर, खेत या छोटे टैंक में आसानी से तैयार कर सकते हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि बहुत कम लागत में रोज ताजा पौष्टिक चारा मिल जाता है.

अजोला क्यों है बकरियों के लिए खास

अजोला एक जलीय फर्न है, जो पानी की सतह पर तेजी से फैलता है. इसकी छोटी-छोटी हरी पत्तियां पोषण  से भरपूर होती हैं. डॉ. वाई. के. सोनी बताते हैं कि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, बीटा-कैरोटिन, विटामिन A, विटामिन B और जरूरी अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यही पोषक तत्व बकरियों की सेहत मजबूत रखते हैं, उनका पाचन बेहतर बनाते हैं और बच्चों की बढ़वार को तेज करते हैं. दुधारू बकरियों के लिए यह और भी फायदेमंद है, क्योंकि इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और दूध उत्पादन में सुधार होता है.

इतनी मात्रा में खिलाएं, दूध में दिखेगा फर्क

विशेषज्ञ के अनुसार एक दुधारू बकरी को रोजाना  करीब 500 ग्राम अजोला देना काफी फायदेमंद माना जाता है. इस मात्रा में नियमित अजोला खिलाने से 15 से 20 प्रतिशत तक दूध बढ़ सकता है. साथ ही दूसरे सूखे और हरे चारे की जरूरत 30 से 35 प्रतिशत तक कम हो जाती है. छोटे किसानों के लिए यह बहुत बड़ा फायदा है, क्योंकि चारे पर खर्च कम होगा और दूध से कमाई बढ़ेगी. ध्यान रहे कि अजोला को सीधे ज्यादा मात्रा में न दें. शुरुआत में कम मात्रा से शुरू करें और धीरे-धीरे 500 ग्राम तक बढ़ाएं, ताकि बकरी आसानी से इसे खाने की आदत बना ले.

कम लागत में हर दिन तैयार होगा ताजा चारा

अजोला की सबसे खास बात इसकी बहुत कम लागत है. डॉ. सोनी के अनुसार 1 किलो अजोला तैयार करने  में करीब 2 रुपये का खर्च आता है. इसे प्लास्टिक शीट, पानी, गोबर, मिट्टी और थोड़े से मिनरल्स की मदद से किसी भी कोने में उगाया जा सकता है. एक बार यूनिट तैयार हो जाए तो हर दिन ताजा अजोला निकालकर बकरियों को दिया जा सकता है. यही वजह है कि जिन किसानों के पास चरागाह या हरे चारे की कमी है, उनके लिए यह बहुत अच्छा विकल्प माना जा रहा है. गर्मी और सूखे के समय भी यह लगातार चारा देता रहता है, जिससे पशुपालकों को राहत मिलती है.

छोटे किसानों के लिए कमाई बढ़ाने का स्मार्ट तरीका

भारत में ज्यादातर छोटे किसान और ग्रामीण परिवार बकरी पालन  करते हैं. उनके पास अक्सर चारा उगाने के लिए ज्यादा जमीन नहीं होती. ऐसे में अजोला उनके लिए कम जगह में ज्यादा पोषण देने वाला स्मार्ट समाधान बन रहा है. इससे बकरियों की सेहत अच्छी रहती है, बच्चे तेजी से बढ़ते हैं और दूध उत्पादन में सीधा फायदा दिखता है. डॉ. वाई. के. सोनी की सलाह है कि अजोला को नियमित चारे के साथ मिलाकर दें, ताकि बकरी को संतुलित पोषण मिलता रहे. सीधे शब्दों में कहें तो अगर किसान कम खर्च में ज्यादा दूध, बेहतर ग्रोथ और ज्यादा मुनाफा चाहते हैं, तो अजोला को चारे में जरूर शामिल करें. यह सच में बकरियों के लिए सुपरफूड साबित हो सकता है.

Published: 5 Apr, 2026 | 08:32 PM

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