गर्मी का कहर! ये 4 लक्षण दिखें तो तुरंत संभालें अपने पशु, वरना हो सकता है भारी नुकसान

Dairy Farming Tips: गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के कारण पशुओं में लू (हीट स्ट्रोक) का खतरा काफी बढ़ जाता है, जो उनकी सेहत और उत्पादन दोनों को प्रभावित करता है. अगर समय पर इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए और पशुओं को छाया, ठंडा पानी और सही देखभाल दी जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे गर्मी में अपने पशुधन की खास देखभाल करें.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 22 Apr, 2026 | 06:00 AM

Heat Stroke In Animals: गर्मियों का मौसम इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. खासकर जब तापमान लगातार बढ़ता है, तो पशुओं में लू (हीट स्ट्रोक) लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (बिहार) के अनुसार, अगर समय रहते इसके लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है. पशुपालन करने वाले किसानों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है, क्योंकि पशुधन उनकी आय का अहम स्रोत होता है.

क्या है पशुओं में लू लगना?

लू लगना एक ऐसी स्थिति है, जब अत्यधिक गर्मी के कारण पशु का शरीर तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता. इससे पशु की तबीयत धीरे-धीरे बिगड़ने लगती है और वह सुस्त हो जाता है, खाना-पीना कम कर देता है. कई बार हालत इतनी खराब हो सकती है कि जान का खतरा भी बन जाता है. यह समस्या खासकर गाय, भैंस और अन्य पालतू पशुओं में गर्मियों के दौरान ज्यादा देखने को मिलती है.

पशुओं में लू लगने के प्रमुख लक्षण

गर्मी के मौसम में यदि पशु में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो सतर्क हो जाना चाहिए:

  • तेज बुखार: पशु का शरीर सामान्य से ज्यादा गर्म महसूस होता है, जो लू लगने का पहला संकेत हो सकता है.
  • मुंह खोलकर तेज सांस लेना: पशु हांफने लगता है और तेजी से सांस लेने लगता है, जिससे उसे राहत मिले.
  • मुंह से लार टपकना: लगातार लार गिरना भी हीट स्ट्रेस का संकेत है.
  • कमजोरी और सुस्ती: पशु का सक्रियता स्तर कम हो जाता है और वह ज्यादा देर तक खड़ा नहीं रह पाता.

इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पशु के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

क्यों बढ़ता है लू का खतरा?

गर्मी में तापमान के साथ-साथ उमस भी बढ़ जाती है, जिससे पशुओं के शरीर में हीट जमा होने लगती है. यदि पशुओं को पर्याप्त छाया, पानी और ठंडा वातावरण नहीं मिलता, तो उनका शरीर जल्दी प्रभावित हो जाता है. खासकर खुले में बंधे या बिना शेड के रखे पशुओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है.

बचाव के आसान उपाय

पशुओं को लू से बचाने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं:

  • छायादार जगह की व्यवस्था करें: पशुओं को सीधे धूप से बचाकर रखें.
  • पर्याप्त ठंडा पानी दें: दिन में कई बार साफ और ठंडा पानी उपलब्ध कराएं.
  • समय-समय पर पानी का छिड़काव करें: पशु के शरीर को ठंडा रखने के लिए हल्का पानी डालना फायदेमंद होता है.
  • दोपहर में बाहर न निकालें: तेज धूप के समय पशुओं को बाहर चराने से बचें.

गर्मी के मौसम में पशुओं की देखभाल करना बेहद जरूरी है. लू के लक्षणों को समय पर पहचानकर और सही कदम उठाकर पशुधन को सुरक्षित रखा जा सकता है. याद रखें, स्वस्थ पशु ही किसान की मजबूत आर्थिक स्थिति का आधार होते हैं. इसलिए थोड़ी सी सावधानी आपके पशुओं को बड़ी परेशानी से बचा सकती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 22 Apr, 2026 | 06:00 AM
ज्ञान का सम्मान क्विज

भारत की सबसे छोटी गाय नस्ल का नाम क्या है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
उत्तर प्रदेश
विजेताओं के नाम
कन्हैया कुमार रंजन, समस्तीपुर, बिहार

लेटेस्ट न्यूज़