45°C गर्मी और तेज लू से पशु बेहाल, नौतपा में ऐसे रखें बेजुबान जानवरों का खास ध्यान

नौतपा की भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने पशुओं की परेशानी बढ़ा दी है. तेज लू और पानी की कमी के कारण कई जानवर बीमार पड़ रहे हैं. ऐसे मौसम में पशुओं को ठंडा पानी, छांव और सही खानपान देना बेहद जरूरी माना जा रहा है ताकि उन्हें गर्मी के खतरे से बचाया जा सके.

नोएडा | Updated On: 23 May, 2026 | 04:02 PM

Nautapa Tips: नौतपा के दौरान पड़ने वाली भीषण गर्मी अब इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी बड़ी मुसीबत बनती जा रही है. कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है, जिससे पशुओं में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण गाय, भैंस और अन्य जानवर कमजोर पड़ने लगे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी से पशुओं की खाने-पीने की आदतों पर भी असर पड़ रहा है. कई पशु सुस्त हो जाते हैं, कम खाना खाते हैं और ज्यादा पानी पीने लगते हैं. सड़क पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो रही है क्योंकि उन्हें समय पर पानी और छांव नहीं मिल पाती.

पशुओं को ठंडा पानी और छांव देना बेहद जरूरी

भीषण गर्मी के दौरान पशुओं को पर्याप्त मात्रा में साफ और ठंडा पानी  देना सबसे जरूरी माना गया है. पशु चिकित्सकों के अनुसार दिन में कम से कम तीन से चार बार पानी पिलाना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. पशुओं को खुले मैदान या तेज धूप में बांधकर नहीं रखना चाहिए. उन्हें छायादार और हवादार जगह पर रखना ज्यादा सुरक्षित होता है. जहां संभव हो वहां पंखे, कूलर या पानी की फुहार का इंतजाम भी करना चाहिए. बाड़ों में रेत डालकर उस पर पानी छिड़कने से तापमान कम रहता है और पशुओं को राहत मिलती है. गर्म हवाओं को रोकने के लिए खस की चटाइयां और गीले जूट के बोरे लगाने की सलाह भी दी जा रही है. इससे बाड़ों का वातावरण ठंडा बना रहता है और पशुओं को लू से बचाने में मदद मिलती है.

खानपान में बदलाव से मिलेगी राहत

गर्मी के मौसम में पशुओं के खानपान  का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. विशेषज्ञों का मानना है कि हरे चारे के साथ पानी वाले फल खिलाना फायदेमंद रहता है. खीरा, ककड़ी, तरबूज और खरबूजा जैसे फल शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद करते हैं. इसके अलावा मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स देने से पशुओं की ऊर्जा बनी रहती है. घरेलू उपाय के तौर पर ठंडे पानी में चीनी, नमक और भुने जौ का आटा मिलाकर घोल तैयार किया जा सकता है, जो पशुओं को गर्मी से राहत देने में मदद करता है. पुदीना और प्याज का अर्क भी शरीर को ठंडक पहुंचाने में लाभकारी माना जाता है. अत्यधिक गर्मी में पशुओं से भारी काम करवाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे थकावट और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.

लू के लक्षण दिखते ही तुरंत करें इलाज

पशुपालकों को लू के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर कोई पशु तेजी से सांस ले रहा हो, मुंह खोलकर हांफ  रहा हो या उसके मुंह से लगातार लार गिर रही हो तो यह गर्मी से प्रभावित होने का संकेत हो सकता है. इसके अलावा तेज बुखार, भूख कम लगना, बेचैनी बढ़ना, ज्यादा पानी पीना और पेशाब कम होना भी गंभीर लक्षण माने जाते हैं. ऐसे संकेत दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी और समय पर देखभाल से नौतपा की भीषण गर्मी में पशुओं को सुरक्षित रखा जा सकता है. अगर हर पशुपालक पानी, छांव और सही खानपान की व्यवस्था करे तो बेजुबान जानवरों को गर्मी से होने वाली परेशानियों से काफी हद तक बचाया जा सकता है.

Published: 23 May, 2026 | 04:01 PM

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