Poultry Farming: गर्मी की शुरुआत होते ही सबसे ज्यादा असर अगर किसी पशुपालन पर दिखता है, तो वह है मुर्गी पालन. तेज धूप, गर्म हवा और उमस भरा मौसम मुर्गियों के लिए बड़ा खतरा बन जाता है. कई बार मुर्गियां अचानक दाना-पानी कम कर देती हैं, सुस्त पड़ जाती हैं और धीरे-धीरे हीट स्ट्रेस की चपेट में आ जाती हैं. अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए, तो बीमारी तेजी से फैल सकती है और मौत का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में मुर्गी पालकों के लिए यह मौसम बेहद सावधानी वाला माना जाता है.
गर्मी में क्यों बढ़ता है खतरा
तेज तापमान बढ़ने पर मुर्गियों का शरीर जल्दी गर्म हो जाता है. इंसानों की तरह वे पसीना नहीं बहा पातीं, इसलिए गर्मी का असर सीधे उनके शरीर पर पड़ता है. इस वजह से मुर्गियां सुस्त होने लगती हैं, दाना कम खाती हैं और पानी ज्यादा पीती हैं. कई बार वे एक जगह बैठी रहती हैं, सांस तेज चलती है और मुंह खोलकर हांफने लगती हैं. यही हीट स्ट्रेस का शुरुआती संकेत होता है. अगर इस स्थिति पर ध्यान न दिया जाए, तो उनकी रोगों से लड़ने की ताकत कमजोर होने लगती है. इससे संक्रमण, उत्पादन में गिरावट और मृत्यु दर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है.
शेड को ठंडा रखना सबसे जरूरी
गर्मी में मुर्गियों को बचाने का सबसे आसान तरीका है उनके शेड का तापमान नियंत्रित रखना. जहां मुर्गियां रखी गई हैं, वहां हवा का अच्छा इंतजाम होना चाहिए. शेड में खिड़कियां खुली रखें और हवा के आने-जाने का रास्ता साफ रखें. अगर संभव हो तो एग्जॉस्ट फैन और सीलिंग फैन का इस्तेमाल करें, ताकि गर्म हवा बाहर निकलती रहे. छत को ठंडा रखने के लिए देसी और आसान तरीका भी बहुत काम आता है. छत पर घास-फूस, बोरी या लकड़ी की पतली परत बिछाने से अंदर का तापमान कम रहता है. कई पालक दिन में 2-3 बार छत पर पानी का छिड़काव भी करते हैं, जिससे शेड ठंडा बना रहता है.
खानपान और पानी में करें ये बदलाव
गर्मी के दिनों में मुर्गियों के खाने में थोड़ा बदलाव करना जरूरी होता है. भारी और ज्यादा प्रोटीन वाला आहार शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है, इसलिए इस मौसम में हल्का और ऊर्जा देने वाला संतुलित आहार देना बेहतर माना जाता है. दाना सुबह जल्दी और शाम को देना ज्यादा फायदेमंद रहता है, क्योंकि उस समय तापमान कम होता है और मुर्गियां आराम से खा लेती हैं. सबसे जरूरी बात है साफ और ठंडा पानी. पानी की कमी गर्मी में सबसे बड़ा नुकसान कर सकती है. पानी हमेशा भरा रहे और दिन में कई बार बदलते रहें. अगर पानी हल्का ठंडा हो तो मुर्गियां ज्यादा राहत महसूस करती हैं.
इन गलतियों से बचें वरना होगा नुकसान
गर्मी के मौसम में कुछ छोटी गलतियां बड़ा नुकसान करा सकती हैं. बहुत ज्यादा भीड़ में मुर्गियां रखने से शेड का तापमान तेजी से बढ़ता है, इसलिए पर्याप्त जगह देना जरूरी है. दोपहर के समय शेड में कोई अतिरिक्त काम, पकड़ना या इधर-उधर शिफ्ट करना कम करें, क्योंकि इससे तनाव बढ़ता है. बहुत ज्यादा गर्मी के दौरान टीकाकरण से भी बचना चाहिए. इस समय मुर्गियों का शरीर पहले से ही तनाव में होता है, इसलिए वैक्सीनेशन उन पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है. बेहतर है कि सुबह या शाम के ठंडे समय में ही जरूरी काम किए जाएं. अगर मुर्गी पालक इन आसान बातों का ध्यान रखें, तो गर्मी के मौसम में भी मुर्गियां स्वस्थ रहेंगी, दाना-पानी सही लेंगी और उत्पादन में गिरावट नहीं आएगी. सही देखभाल से बीमारी और मौत दोनों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.