Animal Health Services: ओडिशा सरकार ने पशुपालन और मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य में अब पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी (Mohan Charan Majhi) ने कई नई परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए साफ कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को मजबूत बनाना जरूरी है. इन कदमों से गांवों में रोजगार बढ़ेगा और किसानों को नई कमाई के मौके मिलेंगे.
219 नए अस्पताल और लैब से मिलेगी बड़ी राहत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने पशु चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़ा ऐलान किया है. ओडिशा में 219 नए पशु चिकित्सालय और प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी. इसके लिए छह सरकारी कंपनियों के साथ समझौता (MoU) किया गया है. इसके अलावा 100 करोड़ रुपये की लागत से 76 नए पशु अस्पताल और 4 पशु सहायता केंद्र भी शुरू किए गए हैं. इन सुविधाओं से गांवों में रहने वाले पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. समय पर इलाज मिलने से पशुओं की सेहत बेहतर होगी और किसानों का नुकसान कम होगा.
आधुनिक तकनीक से होगी बीमारियों की जांच
अब ओडिशा में पशुओं की बीमारियों की जांच आधुनिक तकनीक से की जाएगी. कटक के फूलनखरा में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से एक नई मॉलिक्यूलर लैब बनाई जाएगी. इस लैब में पशुओं में होने वाली खतरनाक बीमारियों का जल्दी पता लगाया जा सकेगा. इससे समय रहते इलाज शुरू हो सकेगा और बड़े नुकसान से बचाव होगा. इसके साथ ही 6 करोड़ रुपये की लागत से राज्य खाद्य प्रयोगशाला को भी मजबूत किया जा रहा है, जहां पशु आहार की गुणवत्ता की जांच होगी. इससे पशुओं को बेहतर और सुरक्षित भोजन मिल सकेगा.
पोल्ट्री और मछुआरों के लिए नए मौके
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पोल्ट्री किसानों के लिए भी बड़ा कदम उठाया है. भूरे अंडों और देसी असील नस्ल की मुर्गियों के लिए एक नया मार्केटिंग सेंटर शुरू किया गया है. इससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने में आसानी होगी और उन्हें बेहतर दाम मिल सकेंगे. इसके साथ ही मछुआरों के लिए भद्रक जिले के कसिया में एक फिश लैंडिंग सेंटर का उद्घाटन किया गया है. धमरा मछली बंदरगाह के सुधार के लिए 50 करोड़ रुपये की परियोजना भी शुरू की गई है. इन योजनाओं से मछली पालन से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी.
खेती के साथ पशुपालन अपनाने पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिर्फ खेती पर निर्भर रहना काफी नहीं है. उन्हें डेयरी, मुर्गी पालन, बकरी पालन, भेड़ पालन और मछली पालन जैसे काम भी अपनाने चाहिए. उन्होंने पशु चिकित्सकों की तारीफ करते हुए कहा कि जो जानवर बोल नहीं सकते, उनका इलाज करने वाले डॉक्टर किसी भगवान से कम नहीं हैं. सरकार की 1,423 करोड़ रुपये की कामधेनु योजना से करीब 15 लाख डेयरी किसानों को फायदा मिल रहा है. इस योजना का मकसद गांवों में रोजगार बढ़ाना और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.