Poultry Diseases: आज के समय में मुर्गी पालन किसानों और पशुपालकों के लिए कमाई का एक अच्छा जरिया बन चुका है. अंडा और चिकन की बढ़ती मांग के कारण कई लोग बड़े पैमाने पर पोल्ट्री फार्म चला रहे हैं. लेकिन इस काम में एक बड़ी चुनौती बीमारियों की होती है. अगर फार्म में साफ-सफाई और सावधानी नहीं रखी जाए तो बीमारी तेजी से फैल सकती है और पूरा झुंड प्रभावित हो सकता है.
बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार मुर्गी फार्म में बीमारी फैलने के कई कारण होते हैं. कई बार ये कीटाणु फार्म के अंदर ही पनपते हैं, तो कई बार बाहर से भी आ सकते हैं. इसलिए मुर्गी पालन करने वाले लोगों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत होती है ताकि बीमारी फैलने से पहले ही उसे रोका जा सके.
लोगों के हाथ, जूते और कपड़ों से भी फैल सकती है बीमारी
पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले लोगों की छोटी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या बन सकती है. कई बार काम करने वाले व्यक्ति अपने हाथों, जूतों या कपड़ों के जरिए एक जगह के कीटाणु दूसरी जगह तक पहुंचा देते हैं. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार अगर कोई व्यक्ति एक फार्म से दूसरे फार्म पर जाता है और सही सफाई नहीं करता, तो बीमारी फैलाने वाले जीवाणु आसानी से दूसरे फार्म तक पहुंच सकते हैं. इससे स्वस्थ मुर्गियों में भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसी कारण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फार्म में काम करने वाले लोग साफ कपड़े पहनें और बाहर से आने पर हाथ और जूतों को अच्छी तरह साफ करें. इससे संक्रमण फैलने का खतरा काफी कम हो जाता है.
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मक्खी और मच्छर भी बन सकते हैं बीमारी का कारण
मुर्गी फार्म में मक्खियों और मच्छरों की संख्या ज्यादा होने पर भी बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. ये छोटे कीट एक जगह से दूसरी जगह जाकर कीटाणु फैलाने का काम करते हैं. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग का कहना है कि कई बीमारियां मक्खियों और मच्छरों के जरिए भी फैल सकती हैं. अगर फार्म के आसपास गंदगी या पानी जमा रहता है तो वहां इन कीड़ों की संख्या बढ़ने लगती है. इसलिए जरूरी है कि फार्म के आसपास सफाई रखी जाए और पानी जमा न होने दिया जाए. इससे मक्खियों और मच्छरों की संख्या कम होगी और बीमारी फैलने का खतरा भी घटेगा.

पोल्ट्री फार्म में बीमारी रोकने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाएं
संक्रमित मुर्गियों से चूजों में भी पहुंच सकती है बीमारी
मुर्गियों में होने वाली कुछ बीमारियां एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक भी पहुंच सकती हैं. अगर किसी फार्म में संक्रमित मुर्गियां हैं और उनसे चूजे पैदा होते हैं, तो उन चूजों में भी बीमारी का खतरा रहता है. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार यह समस्या पोल्ट्री फार्म के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. अगर समय रहते संक्रमित मुर्गियों की पहचान नहीं की जाती तो बीमारी धीरे-धीरे पूरे झुंड में फैल सकती है. इसलिए पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की नियमित जांच करना और बीमार पक्षियों को अलग रखना बहुत जरूरी होता है. इससे अन्य मुर्गियों को संक्रमण से बचाया जा सकता है.
साफ-सफाई और सावधानी से ही मिलेगा सुरक्षित पोल्ट्री फार्म
मुर्गी पालन में सफलता पाने के लिए साफ-सफाई और सावधानी सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. अगर फार्म में स्वच्छता बनी रहती है तो बीमारियों के फैलने की संभावना काफी कम हो जाती है. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की सलाह है कि फार्म में काम करने वाले लोग साफ कपड़े पहनें, जूतों की सफाई रखें और बाहर से आने वाले लोगों की आवाजाही सीमित रखें.
इसके साथ ही फार्म के आसपास गंदगी और पानी जमा नहीं होने देना चाहिए ताकि मक्खी और मच्छर न पनप सकें. अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो मुर्गियों को स्वस्थ रखा जा सकता है और उत्पादन भी बेहतर होता है. मुर्गी पालन में छोटी-छोटी सावधानियां ही बड़ी समस्याओं से बचा सकती हैं. इसलिए जरूरी है कि पोल्ट्री फार्म चलाने वाले लोग इन बातों को गंभीरता से लें और अपने फार्म को सुरक्षित और स्वस्थ बनाए रखें.