खेती होगी आसान.. झारखंड सरकार 90 फीसदी अनुदान पर दे रही बैलों का जोड़ा, ऐसे करें आवेदन

झारखंड सरकार किसानों के लिए जोड़ा बैल योजना चला रही है, जिसके तहत पात्र किसानों को अनुदान पर बैलों का जोड़ा मिलेगा. योजना का उद्देश्य खेती की लागत कम करना और छोटे किसानों को सहारा देना है. आवेदन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा और चयन के बाद लाभ मिलेगा.

नोएडा | Published: 7 Jul, 2026 | 12:51 PM

Jharkhand Joda Bail Yojana: झारखंड सरकार पारंपरिक खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए जोड़ा बैल योजना चला रही है. सरकार के अनुसार यह योजना उन किसानों के लिए बनाई गई है, जिनके पास ट्रैक्टर या अन्य आधुनिक कृषि मशीनें उपलब्ध नहीं हैं. योजना के तहत पात्र किसानों को खेती के लिए 90 प्रतिशत अनुदान पर बैलों का एक जोड़ा उपलब्ध कराया जाएगा. इससे खेत की जुताई, बुआई और अन्य कृषि कार्य समय पर पूरे किए जा सकेंगे. सरकार का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों की खेती की लागत कम करना और उनकी आय बढ़ाने में मदद करना है.

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?

झारखंड सरकार के अनुसार यह योजना विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), दिव्यांग तथा आदिम जनजाति के पात्र किसानों के लिए संचालित की जा रही है. वित्तीय वर्ष के लिए पलामू जिले में 73 किसानों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है. योजना के तहत किसानों को 2 से 3 वर्ष आयु के खेती योग्य बैलों  का एक समान जोड़ा दिया जाएगा. बैलों का चयन इस प्रकार किया जाता है कि वे खेती के सभी कार्यों के लिए उपयुक्त हों. एक जैसी जोड़ी होने से खेत की जुताई और अन्य कृषि कार्य आसानी से किए जा सकते हैं. इससे किसानों का समय और श्रम दोनों बचते हैं तथा खेती की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलती है.

आवेदन कैसे करें और कहां करें?

झारखंड सरकार के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने गांव की ग्राम सभा के माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन जमा होने के बाद संबंधित प्रखंड स्तर पर पात्र किसानों का चयन किया जाएगा. इसके बाद चयनित लाभार्थियों की सूची जिला प्रशासन को भेजी जाएगी. अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद पात्र किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर बैलों का जोड़ा उपलब्ध कराया जाएगा. आवेदन करते समय किसानों को आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), बैंक खाते की जानकारी, पासपोर्ट आकार का फोटो तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं. योजना से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए किसान अपने ग्राम पंचायत, प्रखंड कार्यालय या जिला पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं.

खेती की लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद

झारखंड सरकार का मानना है कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर किसानों  के लिए काफी लाभदायक साबित होगी. जिन किसानों के पास कृषि मशीनें नहीं हैं, वे बैलों की मदद से समय पर खेत तैयार कर सकेंगे. इससे खेती की लागत कम होगी और फसल उत्पादन में भी सुधार आएगा. सरकार ने पात्र किसानों से समय पर आवेदन करने की अपील की है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार योजना का लाभ उठा सकें. यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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