Palamu Joda Bail Yojana: सिर्फ 4 हजार देकर घर लाएं बैलों का जोड़ा, 36 हजार देगी सरकार, बीमा-टीकाकरण भी फ्री

झारखंड के पलामू में जोड़ा बैल योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत मिल रही है. 40 हजार रुपये के बैलों के लिए किसान को सिर्फ 4 हजार देने होंगे, बाकी राशि सरकार देगी. साथ ही पशु बीमा और टीकाकरण भी मुफ्त मिलेगा. यह योजना छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 17 Feb, 2026 | 03:41 PM

Bull Pair Subsidy: खेती की असली ताकत खेत में होती है. आज भी गांवों में कई किसान बैलों से ही जुताई और बुवाई करते हैं. ऐसे किसानों के लिए झारखंड सरकार बड़ी राहत लेकर आई है.झारखंड के पलामू जिले में जोड़ा बैल योजना के तहत किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर बैलों का जोड़ा दिया जाएगा. यानी 40 हजार रुपये के बैल के लिए किसान को सिर्फ 4 हजार रुपये देने होंगे, बाकी 36 हजार रुपये सरकार देगी. यह योजना मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत चलाई जा रही है और इसका फायदा खासकर आदिम जनजाति और छोटे किसानों को मिलेगा.

90 प्रतिशत सब्सिडी, किसानों को बड़ी राहत

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है 90 प्रतिशत सब्सिडी.मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि एक जोड़ा बैल की कीमत  करीब 40 हजार रुपये तय की गई है. इसमें से 36 हजार रुपये सरकार देगी और किसान को केवल 4 हजार रुपये का अंशदान करना होगा. आज के समय में छोटे और सीमांत किसानों के लिए इतना कम खर्च में बैलों का जोड़ा मिलना बड़ी मदद है. इससे वे बिना कर्ज लिए खेती का काम आसानी से कर सकेंगे. जिन किसानों के पास ट्रैक्टर नहीं है, उनके लिए बैल ही खेती का मुख्य सहारा होते हैं.

खेती में बैलों की अहम भूमिका

गांवों में आज भी बैलों से जुताई, बुवाई और कई अन्य काम किए जाते हैं. खासकर पहाड़ी और दूर-दराज इलाकों में जहां मशीनें आसानी से नहीं पहुंच पातीं, वहां बैल ही सबसे भरोसेमंद साथी होते हैं. बैलों की मदद से किसान कम लागत में खेती कर सकते हैं. डीजल या मशीन का खर्च नहीं लगता, जिससे कुल खर्च घटता है और मुनाफा बढ़ता है. यही कारण है कि सरकार इस योजना के जरिए पारंपरिक खेती  को मजबूत करना चाहती है. यह योजना आदिम जनजाति के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

पशु बीमा और टीकाकरण भी फ्री

झारखंड सरकार  केवल बैल देकर जिम्मेदारी खत्म नहीं करती. योजना के तहत दिए जाने वाले बैलों का नियमित टीकाकरण कराया जाएगा, ताकि वे बीमारियों से सुरक्षित रहें. इसके साथ ही बैलों का बीमा भी कराया जाएगा. अगर किसी कारण से बैल की मौत हो जाती है या कोई बड़ी समस्या आती है, तो किसान को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा. इससे किसानों को सुरक्षा और भरोसा दोनों मिलते हैं. यह सुविधा खासकर गरीब किसानों के लिए बहुत राहत देने वाली है.

पलामू में 47 किसानों को मिलेगा लाभ

वित्तीय वर्ष 2025-26 में पलामू जिले को इस योजना के तहत 47 किसानों का लक्ष्य मिला है. जिला प्रशासन पात्र किसानों की पहचान कर उन्हें इस योजना का लाभ देगा. योग्य किसान तय प्रक्रिया पूरी कर आवेदन कर सकते हैं. चयन होने के बाद उन्हें सब्सिडी के साथ बैलों का जोड़ा उपलब्ध कराया जाएगा. जोड़ा बैल योजना छोटे किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है. कम पैसे में खेती का मजबूत साधन, साथ में बीमा और मुफ्त टीकाकरण-यह सब मिलकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. अगर आप भी पलामू जिले के पात्र किसान हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं. यह मौका आपकी खेती और आमदनी दोनों को मजबूत बना सकता है.

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