भारत-न्यूजीलैंड के बीच बड़ी डील, 2030 तक व्यापार होगा दोगुना, कृषि और डेयरी में भी बनी बड़ी सहमति

PM Modi New Zealand Visit: भारत और न्यूजीलैंड ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया है. दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार बढ़ाने, कृषि, डेयरी, पशुपालन, बागवानी और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है. इस साझेदारी से किसानों को नई तकनीक, बेहतर उत्पादन और नए व्यापारिक अवसर मिलने की उम्मीद है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 11 Jul, 2026 | 09:04 AM

India New Zealand Strategic Partnership: भारत और न्यूजीलैंड ने अपने रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दोनों देशों ने आपसी संबंधों को ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ (रणनीतिक साझेदारी) का दर्जा दिया है और ‘इंडिया-न्यूजीलैंड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी है. इस रोडमैप के जरिए अगले चार साल में व्यापार, कृषि, डेयरी, पशुपालन, नवाचार, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने की योजना बनाई गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच यह अहम फैसला लिया गया. खास बात यह है कि, किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह लगभग 40 साल बाद न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा है.

2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड ने तय किया है कि वर्ष 2030 तक दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार बढ़ाकर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (करीब 35,000 करोड़ रुपये) तक पहुंचाया जाएगा. दोनों देशों का मानना है कि,, व्यापार बढ़ने से निवेश के नए अवसर बनेंगे, उद्योगों को फायदा होगा और रोजगार के नए मौके भी पैदा होंगे. बैठक में भारत और न्यूजीलैंड ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को जल्द लागू करने की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमति जताई. दोनों देशों का कहना है कि समझौता लागू होने से कारोबार आसान होगा और दोनों देशों के व्यवसायों को नए बाजार मिलेंगे.

कृषि और डेयरी क्षेत्र में मिलेगा बड़ा सहयोग

इस साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा कृषि क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है. दोनों देशों ने बागवानी, डेयरी, पशुपालन और वानिकी (फॉरेस्ट्री) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. न्यूजीलैंड भारत के साथ कीवी फल, सेब और शहद की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेगा. इसके तहत भारत में कीवी उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) विकसित करने की भी योजना है, ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर खेती के तरीके सीखने का मौका मिल सके.

इसके अलावा दोनों देशों ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक सहयोग समझौते (Memorandum of Cooperation) पर भी सहमति जताई है. इससे पशुधन प्रबंधन, डेयरी उत्पादन और आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा.

किसानों को मिल सकती है नई तकनीक

न्यूजीलैंड आधुनिक कृषि और डेयरी तकनीकों के लिए दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है. ऐसे में इस साझेदारी के जरिए भारतीय किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक खेती के तरीके, बागवानी प्रबंधन और उत्पादकता बढ़ाने की नई तकनीकों का लाभ मिल सकता है. इससे खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.

समुद्री क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग

दोनों देशों ने समुद्री क्षेत्र में भी सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है. भारत और न्यूजीलैंड अपने-अपने समुद्री अधिकारियों के बीच सहयोग बढ़ाएंगे, जिससे भारतीय नाविकों के प्रमाणपत्रों की मान्यता आसान होगी. इससे भारतीय नाविकों के लिए न्यूजीलैंड समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं.

रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

भारत और न्यूजीलैंड का मानना है कि यह रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देगी. व्यापार, कृषि, डेयरी, नवाचार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि किसानों, कारोबारियों और युवाओं के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा. आने वाले वर्षों में यह साझेदारी दोनों देशों के बीच भरोसे और विकास का नया अध्याय साबित हो सकती है.

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