MP कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, CM मोहन यादव के पास अब पशुपालन विभाग, डेयरी सेक्टर पर फोकस
मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपालन विभाग अपने पास ले लिया है. पहले यह विभाग मंत्री लखन पटेल के पास था, जिन्हें अब केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. सरकार का कहना है कि इससे पशुपालन, डेयरी विकास, दुग्ध उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है.
MP Animal Husbandry Department: मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पशुपालन विभाग की जिम्मेदारी सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंप दी है. अब तक यह विभाग पशुपालन मंत्री लखन पटेल के पास था, लेकिन सरकार ने उनसे यह विभाग वापस लेकर मुख्यमंत्री को दे दिया है. इस संबंध में राज्य सरकार ने आधिकारिक गजट अधिसूचना भी जारी कर दी है. अब लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी रहेगी. हालांकि सरकार ने इस बदलाव की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन माना जा रहा है कि इससे पशुपालन, डेयरी विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी योजनाओं पर तेजी से काम हो सकेगा.
मुख्यमंत्री खुद करेंगे पशुपालन विभाग की निगरानी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पशुपालन विभाग से जुड़े बड़े फैसलों और योजनाओं की निगरानी अब सीधे मुख्यमंत्री करेंगे. इससे विभाग के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि, मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी से योजनाओं का बेहतर तरीके से लागू होगा और किसानों व पशुपालकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहले से अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा.
मध्य प्रदेश के लिए क्यों अहम है पशुपालन?
मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करते हैं. दूध उत्पादन, गाय-भैंस पालन, बकरी पालन और पोल्ट्री जैसे व्यवसाय लाखों परिवारों की अतिरिक्त आय का प्रमुख साधन हैं. इसी वजह से राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से डेयरी सेक्टर को मजबूत करने, पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने पर लगातार जोर दे रही है.
मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, CM मोहन यादव ने अपने पास रखा पशुपालन विभाग
डेयरी और दुग्ध उत्पादन को मिल सकती है नई रफ्तार
मुख्यमंत्री के सीधे विभाग संभालने से डेयरी क्षेत्र की कई योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं देने पर ज्यादा फोकस किया जाएगा.
इसके अलावा पशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण अभियान, नस्ल सुधार कार्यक्रम और आधुनिक पशुपालन तकनीकों को भी बढ़ावा मिल सकता है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
20 फीसदी दूध उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य पर रहेगा फोकस
मध्य प्रदेश सरकार ने आने वाले वर्षों में दूध उत्पादन में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा है. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के सीधे पशुपालन विभाग संभालने के बाद इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम और तेज होगा. कामधेनू योजना, गौशालाओं के विकास, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, डेयरी विस्तार और पशुपालकों को आर्थिक मदद देने वाली योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे और किसानों व पशुपालकों की आय में भी इजाफा हो सकता है.
लखन पटेल के पास रहेगा केवल आनंद विभाग
सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार, लखन पटेल अब केवल आनंद विभाग का कामकाज संभालेंगे. पशुपालन विभाग उनसे वापस ले लिया गया है. इस फैसले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
राज्य सरकार खेती के साथ पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और प्राकृतिक खेती जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री का स्वयं पशुपालन विभाग संभालना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. आने वाले समय में यदि विभाग की नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री स्तर पर होती है, तो डेयरी सहकारी समितियों के विस्तार, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, पशुपालकों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं और पशु स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार देखने को मिल सकता है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.