अब दूध की शुद्धता पर नहीं रहेगा शक, भोपाल में 12.40 करोड़ की आधुनिक डेयरी लैब तैयार

Dairy Testing Lab : दूध और डेयरी उत्पादों की शुद्धता जांचने के लिए राजधानी में पहली बार राज्य स्तरीय हाईटेक लैब बनाई जा रही है. यहां 100 से ज्यादा मानकों पर वैज्ञानिक जांच होगी. इस पहल से आम लोगों, दूध उत्पादकों और डेयरी कंपनियों को मिलावट से राहत मिलेगी.

नोएडा | Updated On: 22 Jan, 2026 | 04:09 PM

Madhya Pradesh News : सुबह की चाय हो या बच्चों के लिए दूध का गिलास, हर घर में एक ही सवाल होता है-दूध शुद्ध है या नहीं? अब इस सवाल का जवाब सिर्फ भरोसे पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक जांच पर मिलेगा. मध्य प्रदेश की राजधानी में एक ऐसी हाईटेक लैब बनने जा रही है, जो दूध और डेयरी प्रोडक्ट की हर बूंद की सच्चाई सामने लाएगी. यह पहल आम लोगों से लेकर बड़े डेयरी कारोबारियों तक, सभी के लिए राहत की खबर है.

प्रदेश की पहली हाईटेक डेयरी लैब

मध्य प्रदेश की राजधानी में पहली राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है. इस लैब में दूध और दूध से बने सभी उत्पादों की शुद्धता की जांच की जाएगी. यह प्रयोगशाला केन्द्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग की योजना  के तहत बनाई जा रही है. इसके लिए 12.40 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है. लैब पूरी तरह आधुनिक होगी और इसमें दूध की गुणवत्ता  जांचने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.

100 से ज्यादा मानकों पर होगी जांच

इस प्रयोगशाला में दूध और डेयरी उत्पादों  की जांच सिर्फ एक-दो बिंदुओं पर नहीं, बल्कि 100 से ज्यादा मानकों पर की जाएगी. इसमें पेस्टिसाइड, एंटीबायोटिक, हेवी मेटल और अन्य हानिकारक तत्वों की जांच शामिल होगी. अभी तक ऐसी जांच के लिए सैंपल बाहर भेजने पड़ते थे, जिससे समय और पैसा दोनों ज्यादा लगता था. अब यह सुविधा राज्य में ही मिलने से जांच आसान और तेज हो जाएगी.

आधुनिक मशीनों से मिलेगी सटीक रिपोर्ट

लैब को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए अत्याधुनिक सात मशीनों की खरीदी पहले ही पूरी कर ली गई है, जबकि बाकी जरूरी मशीनों की खरीद प्रक्रिया तेजी से चल रही है. ये मशीनें दूध और डेयरी उत्पादों की बेहद बारीक स्तर पर जांच करेंगी, जिससे मिलावट, हानिकारक रसायन और गुणवत्ता से जुड़ी कमियां आसानी से पकड़ी जा सकेंगी. इससे उपभोक्ताओं को दूध की शुद्धता को लेकर साफ और सही जानकारी मिलेगी. साथ ही जांच रिपोर्ट ज्यादा सटीक और भरोसेमंद होगी, जिससे दूध उत्पादकों, डेयरी संस्थाओं और आम ग्राहकों के बीच विश्वास मजबूत होगा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी.

आम लोगों से बड़ी कंपनियों तक को फायदा

इस डेयरी लैब का लाभ सिर्फ सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहेगा. आम उपभोक्ता, दूध उत्पादक, डेयरी संस्थाएं और खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियां भी यहां जांच करा सकेंगी. लैब को एनएबीएल और खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण से मान्यता मिलेगी, जिससे इसकी रिपोर्ट देशभर में मान्य होगी. इससे दूध की शुद्धता  पर भरोसा बढ़ेगा और लोगों को सुरक्षित, मिलावट-मुक्त उत्पाद मिल सकेंगे.

Published: 22 Jan, 2026 | 04:42 PM

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