रैपर बादशाह के विवादित गाने से चर्चा में आया टिटहरी पक्षी, गांवों में इसके घोंसले से लगाते हैं बारिश का अंदाजा!

Badshah Song Controversy: बादशाह के टटीरी गाने को लेकर विवाद के बाद टिटहरी पक्षी फिर चर्चा में आ गया है. गांवों में लंबे समय से मान्यता है कि टिटहरी के घोंसले और अंडों को देखकर बारिश का अंदाजा लगाया जाता है. किसान अंडों की संख्या, जगह और दिशा देखकर समझते हैं कि उस साल बारिश ज्यादा होगी, सामान्य होगी या सूखा पड़ सकता है.

नोएडा | Updated On: 10 Mar, 2026 | 04:11 PM

Titahri Bird: हाल ही में गायक आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया उर्फ बादशाह अपने विवादित गीत ‘टटीरी’ को लेकर चर्चा में हैं. गाने के कुछ शब्दों को लेकर लोगों की नाराजगी सामने आई, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर माफी भी मांगी. इसी बीच टिटहरी नाम का पक्षी भी फिर से चर्चा का विषय बन गया है.

दरअसल गांवों में टिटहरी पक्षी को लेकर एक पुरानी मान्यता काफी मशहूर है. बुजुर्ग और किसान मानते हैं कि यह पक्षी मौसम का संकेत पहले ही दे देता है. कहा जाता है कि टिटहरी जितने अंडे देती है, उतने महीनों तक बारिश होने की संभावना रहती है. इतना ही नहीं, यह पक्षी अपने अंडे जहां और जिस तरह से रखता है, उससे भी बारिश ज्यादा होगी, सामान्य होगी या सूखा पड़ सकता है-ऐसा अनुमान लगाया जाता है. यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी टिटहरी के अंडों और घोंसले को देखकर मौसम का अंदाजा लगाने की कोशिश करते हैं.

टिटहरी के अंडों से मौसम का अंदाजा

किसान इंडिया के वरिष्ठ पत्रकार निर्मल यादव  ने बुंदेलखंड क्षेत्र में बारिश से जुड़ी चर्चित लोकमान्यताओं को लेकर किसानों से बातचीत की. इस दौरान किसानों ने बताया कि यह पक्षी प्रकृति के बदलाव को पहले ही महसूस कर लेता है. लोक मान्यता के अनुसार, टिटहरी जितने अंडे देती है, उतने महीने तक बारिश होने की संभावना रहती है. उदाहरण के तौर पर अगर टिटहरी चार अंडे देती है, तो माना जाता है कि लगभग चार महीने तक बारिश हो सकती है. यही वजह है कि गांवों में किसान इस पक्षी के अंडों को देखकर मौसम का अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं.

टिटहरी गाने के बीच फिर चर्चा में आया टिटहरी पक्षी.(Photo Credit-Canva)

घोंसले की जगह से भी मिलता है संकेत

टिटहरी के अंडे सिर्फ संख्या  से ही नहीं, बल्कि उनकी जगह से भी मौसम का अंदाजा लगाया जाता है. पुराने लोगों का मानना है कि अगर टिटहरी खेत की मेढ़ या थोड़ी ऊंची जगह पर अंडे देती है, तो उस साल ज्यादा बारिश हो सकती है. अगर अंडे समतल जमीन पर दिए जाते हैं, तो सामान्य बारिश होने की संभावना मानी जाती है. वहीं अगर टिटहरी गड्ढे या नीची जगह पर अंडे दे दे, तो इसे सूखे का संकेत माना जाता है. इन संकेतों को देखकर किसान पहले से अपनी खेती की तैयारी करने लगते थे और फसल बोने का समय तय करते थे.

अंडों की दिशा भी बताती है बारिश का हाल

गांवों में एक और मान्यता है कि टिटहरी के अंडों की दिशा भी मौसम का संकेत देती है. अगर अंडों का मुंह जमीन की ओर दिखाई दे, तो इसे मूसलाधार बारिश का संकेत माना जाता है. कई किसान आज भी इन संकेतों को ध्यान में रखते हैं. हालांकि अब मौसम विभाग की आधुनिक तकनीक  और सटीक भविष्यवाणी उपलब्ध है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में प्रकृति के इन पुराने संकेतों को लोग आज भी दिलचस्प तरीके से देखते हैं.

टिटहरी पक्षी

चार अंडों से अच्छी बारिश की उम्मीद

इस बार एक जगह टिटहरी ने समतल जमीन से थोड़ी ऊंचाई पर चार अंडे दिए हैं. स्थानीय किसानों और बुजुर्गों के अनुसार यह संकेत अच्छी बारिश की ओर इशारा करता है. लोगों का मानना है कि चार अंडों का मतलब करीब चार महीने तक बारिश हो सकती है. इसके साथ ही अंडों की स्थिति को देखकर कई लोग इस साल मूसलाधार बारिश होने की भी संभावना जता रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो किसानों के लिए यह मौसम काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि अच्छी बारिश से फसलों की पैदावार भी बेहतर होती है.

Published: 10 Mar, 2026 | 03:25 PM

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