यूपी में पशुओं के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन करने के निर्देश, बारिश से पहले हर पशु को लगेगा टीका

उत्तर प्रदेश में पशुपालन विभाग ने गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बायो गैस संयंत्रों पर जोर दिया है. इसके साथ ही कन्नौज, गोरखपुर और कानपुर में दुग्ध प्लांट जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. बरसात से पहले पूरे प्रदेश में पशुओं के लिए वैक्सीनेशन अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है.

नोएडा | Updated On: 19 May, 2026 | 05:33 PM

Uttar Pradesh Dairy Development: बारिश से पहले पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है. पशुपालन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि बारिश शुरू होने से पहले टीकाकरण अभियान चलाया जाए. इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं. वैक्सीनेशन अभियान के तहत गांव-गांव में पशुओं को एफएमडी समेत अन्य बीमारियों से बचाव के लिए मुफ्त टीके लगाए जाएंगे. पशुपालन मंत्री ने मिल्क प्लांट और बायोगैस प्लांट से ऊर्जा जरूरत पूरी करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है.

गोबर गैस प्लांट और वर्मी कंपोस्ट पर सरकार का जोर

उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन विभाग की उच्चस्तरीय बैठक लखनऊ में हुई. पशुपालन मंत्री धर्म पाल सिंह (Dharampal Singh) ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश के गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बायो गैस और गोबर गैस संयंत्रों का अधिक उपयोग किया जाए. इन संयंत्रों से ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी. उन्होंने यह भी कहा कि वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन को बढ़ावा देकर जैविक खेती को मजबूत किया जा सकता है. वर्तमान में प्रदेश में 131 बायो गैस संयंत्र स्थापित हैं, जिनमें से कई सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं. सरकार का उद्देश्य है कि गो-आश्रय केवल पशु संरक्षण केंद्र न रहकर आर्थिक रूप से भी मजबूत बनें.

किसानों को मिलेगी गाय के गोबर बनी खाद

बैठक में ये भी कहा गया कि गो-आश्रय स्थलों में गोबर गैस संयंत्रों  से स्वच्छ ऊर्जा तैयार की जा सकती है. इससे बिजली और ईंधन की जरूरत पूरी होगी. इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर किसानों को जैविक खाद उपलब्ध कराई जा सकती है. इससे खेती की लागत कम होगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए ताकि गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पशुपालन को नया आधार मिलेगा.

गो-आश्रय, दुग्ध प्लांट और वैक्सीनेशन से मजबूत होगा पशुपालन क्षेत्र.

कन्नौज, गोरखपुर और कानपुर में जल्द शुरू होंगे दुग्ध प्लांट

बैठक में दुग्ध विकास  पर भी विशेष चर्चा हुई. मंत्री ने निर्देश दिए कि कन्नौज, गोरखपुर और कानपुर में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) द्वारा बनाए जा रहे दुग्ध प्लांट जल्द शुरू किए जाएं. इन प्लांटों के शुरू होने से दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी और किसानों को दूध बेचने के बेहतर विकल्प मिलेंगे. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. दुग्ध उत्पादकों को सीधा बाजार मिलने से उनकी आमदनी बढ़ेगी. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को डेयरी उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत बनाया जाए और किसानों को अधिक लाभ दिया जाए.

बरसात से पहले पूरे प्रदेश में वैक्सीनेशन अभियान

बैठक में पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर दिया गया. मंत्री ने कहा कि बरसात से पहले पूरे प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन अभियान  चलाया जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में टीकाकरण कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए. सभी पशुओं को समय पर टीका लगाया जाए ताकि बीमारियों से बचाव हो सके. ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाकर पशुपालकों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाए. सरकार का कहना है कि इससे पशुओं की सुरक्षा बढ़ेगी और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा.

पशुपालकों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मंत्री ने बैठक में कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे. इसके साथ ही मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया ताकि पशुपालकों को तुरंत इलाज मिल सके. सरकार का मानना है कि गो-आश्रय, दुग्ध प्लांट और वैक्सीनेशन अभियान मिलकर प्रदेश के पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा देंगे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सा के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 4000 रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये किए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय पशु चिकित्सा शिक्षा को नई ऊर्जा देने वाला है. इससे छात्रों का उत्साहवर्धन होगा तथा पशु चिकित्सा सेवाओं में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी.

Published: 19 May, 2026 | 05:28 PM

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