Lumpy Virus Uttarakhand: उत्तराखंड के पशुपालक किसानों के लिए लंपी वायरस को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. प्रदेश के कई हिस्सों में पशुओं में इस बीमारी के मामले सामने आने लगे हैं. अब तक जांच की गई 55 रिपोर्ट में 21 पशुओं के लंपी वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. वहीं नैनीताल में इस बीमारी की वजह से एक बछड़े की मौत की भी खबर सामने आई है. बीमारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग ने संबंधित जिलों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. विभाग की ओर से पशुओं के टीकाकरण और उनके आसपास साफ-सफाई रखने पर खास जोर दिया जा रहा है.
635 पशुओं में बीमारी की आशंका
पशुपालन विभाग के मुताबिक, प्रदेश के देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में कुल 635 पशुओं में लंपी रोग की आशंका जताई गई है. इन पशुओं में बीमारी की पुष्टि के लिए 269 सैंपल जांच के लिए बरेली भेजे गए थे. अभी तक इनमें से सिर्फ 55 सैंपल की रिपोर्ट विभाग को मिली है. इनमें 21 पशु संक्रमित पाए गए हैं, जबकि बाकी सैंपल निगेटिव आए हैं. विभाग को अभी दूसरे सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है. ऐसे में आने वाले दिनों में संक्रमित पशुओं की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है.
नैनीताल में बछड़े की मौत से बढ़ी चिंता
लंपी वायरस का असर सिर्फ संक्रमित पशुओं तक सीमित नहीं है. नैनीताल में इस बीमारी से एक बछड़े की मौत की जानकारी सामने आई है. इसके बाद पशुपालकों की चिंता और बढ़ गई है. लंपी रोग खासतौर पर मवेशियों में फैलने वाली बीमारी है. इसके कारण पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए समय रहते संक्रमित या संदिग्ध पशुओं की पहचान करना बेहद जरूरी माना जाता है.
7 जिलों में विभाग की नजर
जिन सात जिलों में लंपी रोग की आशंका वाले पशु मिले हैं, वहां पशुपालन विभाग निगरानी बढ़ा रहा है. विभाग की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. पशुपालकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने पशुओं की सेहत पर नजर रखें. किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे दूसरे पशुओं से अलग रखना और तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है.
टीकाकरण और साफ-सफाई पर जोर
लंपी वायरस से निपटने के लिए पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान और साफ-सफाई को अहम हथियार बनाया है. विभाग के अनुसार, प्रभावित और संभावित इलाकों में पशुओं का वैक्सीनेशन कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. पशुओं के रहने की जगह को साफ रखना भी जरूरी है. आसपास गंदगी जमा होने से बीमारी फैलाने वाले कीड़े-मक्खियों का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए पशुपालकों को पशुशाला की नियमित सफाई करने की सलाह दी जा रही है.
हरियाणा में भी एहतियाती कदम
उत्तराखंड के अलावा हरियाणा में भी लंपी वायरस को लेकर सावधानी बरती जा रही है. वहां गोशालाओं में बाहर से पशुओं को लाने पर रोक लगाई गई है. इस तरह के कदम का मकसद बीमारी को नए इलाकों में फैलने से रोकना है. फिलहाल उत्तराखंड में मिली शुरुआती रिपोर्ट के बाद पशुपालन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है. चूंकि 269 सैंपल में से अभी केवल 55 की रिपोर्ट आई है, इसलिए बाकी रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर और साफ होगी. ऐसे में पशुपालकों के लिए सावधानी, समय पर टीकाकरण और पशुओं की साफ-सफाई पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.