एक लाख के लोन से शुरू हुआ हर्बल चाय कारोबार देशभर में पहुंचा, 10 ग्रामीण महिलाओं का कमाल

Bijnor Women Herbal Tea Business: लखीवाला गांव की बबीता रानी और उनकी साथी महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर हर्बल चाय बिजनेस की शुरुआत की. करीब 1 लाख रुपये लोन लेकर यह उद्यम शुरू हुआ है और आज कई राज्यों में हर्बल चाय की सप्लाई की जा रही है.

नोएडा | Published: 26 Jul, 2026 | 01:45 PM

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की बबीता रानी की हर्बल चाय देशभर में मशहूर है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में भी इसका जिक्र किया है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर की स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं की पहल विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी (Vidur Prerna Swadeshi Herbal Tea) का उल्लेख करते हुए पीएम ने इसे महिला सशक्तीकरण और स्थानीय उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि भारत में चाय केवल एक पेय नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने वाली परंपरा है. ऐसे में बिजनौर की महिलाओं ने हर्बल चाय के जरिए स्वाद के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी कायम की है.

कई औषधीय जड़ी बूटियों से बनती है हर्बल चाय

बिजनौर के लखीवाला गांव की बबीता रानी के नेतृत्व में महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से यह उद्यम शुरू किया. उनकी तैयार की गई हर्बल चाय में लेमनग्रास, गिलोय, तुलसी, मुलेठी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी औषधीय जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है. प्राकृतिक गुणों और अनोखे स्वाद के कारण इस उत्पाद को प्रयागराज महाकुंभ और दिल्ली के इंटरनेशनल फूड फेस्टिवल जैसे आयोजनों में भी सराहना मिली, जहां विदेशी आगंतुकों ने भी इसमें रुचि दिखाई.

1 लाख रुपये लोन लेकर हुई थी शुरुआत

बिजनौर के कोतवाली ब्लॉक के टांडा मैदास लखीवाला गांव की बबीता रानी और उनकी साथी महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर इस पहल की शुरुआत की. करीब 1 लाख रुपये का लोन लेकर शुरू किया गया यह उद्यम को आज लगभग 10 महिलाएं मिलकर चला रही हैं और पूरी तरह प्राकृतिक हर्बल चाय तैयार कर रही हैं. उत्पादन से लेकर पैकेजिंग और मार्केटिंग तक की पूरी जिम्मेदारी महिलाएं ही संभालती हैं. इस पहल ने न केवल उन्हें नियमित कमाई का जरिया दिया है, बल्कि गांव की कई महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में भी आगे बढ़ाया है.

महिलाएं हर्बल चाय की खुद पैकेजिंग और मार्केटिंग करती हैं.

अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी में फ्रेंचाइजी शुरू करने की योजना

आज विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी की मांग उत्तर प्रदेश से निकलकर दिल्ली, पंजाब, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों तक पहुंच चुकी है. इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों से भी फ्रेंचाइजी और कारोबार को लेकर रुचि दिखाई जा रही है. बिजनौर में इसके दर्जनों आउटलेट और कैफे संचालित हो रहे हैं, जबकि मुरादाबाद में भी इसके केंद्र शुरू किए जा चुके हैं. यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराया जाए, तो स्थानीय संसाधनों पर आधारित छोटे-छोटे प्रयास भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं.

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