नौकरी नहीं, बकरी पालन से बदली किस्मत.. MBA पास शख्स ने खड़ा किया 5 करोड़ का बिजनेस

आगरा के एक MBA ग्रेजुएट ने वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक प्रबंधन से बकरी पालन में नई मिसाल पेश की है. 5 एकड़ में तैयार फार्म में 5000 बकरियों का पालन हो रहा है. बेहतर शेड, संतुलित आहार और विभागीय सहयोग से करोड़ों रुपये का कारोबार खड़ा किया गया है.

नोएडा | Updated On: 27 Jul, 2026 | 05:15 PM

Success Story:  ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन अब केवल पारंपरिक व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ यह बड़े उद्यम का रूप ले रहा है. उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के एक युवा उद्यमी ने नवाचार, प्रशिक्षण और आधुनिक पशुपालन तकनीकों को अपनाकर बकरी पालन में सफलता की नई कहानी लिखी है. कभी नौकरी और व्यवसाय के विकल्प तलाशने वाले इस उद्यमी ने आज ऐसा अत्याधुनिक बकरी फार्म तैयार किया है, जहां वैज्ञानिक तरीके से हजारों बकरियों का पालन किया जा रहा है और इससे करोड़ों रुपये का कारोबार खड़ा हुआ है.

5 एकड़ में तैयार किया आधुनिक बकरी पालन मॉडल फार्म

आगरा जिले के ग्राम बीजामई निवासी डी.के. सिंह ने एमबीए की पढ़ाई करने के बाद बकरी पालन  को अपना व्यवसाय बनाया. उन्होंने करीब 5 एकड़ भूमि में अत्याधुनिक बकरी फार्म विकसित किया, जहां लगभग 5,000 बकरियों का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जा रहा है. इस फार्म में पशुओं की देखभाल से लेकर आहार, स्वास्थ्य और प्रजनन तक सभी व्यवस्थाएं आधुनिक तकनीक के आधार पर संचालित की जाती हैं. इस मॉडल फार्म ने साबित किया है कि सही योजना और वैज्ञानिक सोच के साथ बकरी पालन को बड़े व्यवसाय में बदला जा सकता है.

आधुनिक शेड और वैज्ञानिक प्रबंधन से बढ़ी उत्पादकता

इस सफल बकरी पालन मॉडल में आधुनिक शेड व्यवस्था, संतुलित आहार प्रबंधन  और स्वचालित जल व्यवस्था जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पशुओं को बेहतर वातावरण देने के लिए साफ-सफाई और स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है. नियमित पशु चिकित्सा सेवाओं और रोग नियंत्रण उपायों से बकरियों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है. वैज्ञानिक तरीके अपनाने से उत्पादन क्षमता में सुधार हुआ और फार्म को व्यावसायिक स्तर पर सफलता मिली.

पशुपालन विभाग के सहयोग से मिली नई दिशा

इस सफलता में उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. विभाग की ओर से आधुनिक पशुपालन तकनीकों, रोग नियंत्रण, प्रशिक्षण और बेहतर प्रबंधन को लेकर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया. इसके अलावा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और कृषि मंत्रालय के सहयोग से किसानों और पशुपालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं. इन प्रयासों का उद्देश्य पशुपालकों को नई तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है.

4-5 करोड़ के कारोबार से बनी प्रेरणादायक कहानी

डी.के. सिंह का यह बकरी फार्म आज प्रदेश के पशुपालकों के लिए प्रेरणा बन चुका है. आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर प्रबंधन  के जरिए उन्होंने बकरी पालन को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया है. इस फार्म से करीब 4-5 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया गया है. यह सफलता कहानी बताती है कि पशुपालन में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करके किसान और युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं. आधुनिक तकनीक आधारित पशुपालन आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय बढ़ाने का बड़ा माध्यम बन सकता है.

Published: 27 Jul, 2026 | 05:10 PM

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