लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी, 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में पहुंचे 1,836 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी कर दी है. करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में 1,836 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर हुए हैं. बढ़ी हुई राशि से महिलाओं को घरेलू खर्च, बचत और बच्चों की जरूरतों में बड़ी राहत मिलेगी.

नोएडा | Updated On: 12 Apr, 2026 | 06:02 PM

Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए रविवार का दिन खुशियों से भरा रहा.सीहोर जिले के आष्टा से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी कर दी, जिसमें प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में 1,836 करोड़ रुपये सीधे DBT के जरिए ट्रांसफर किए गए. इस बार कार्यक्रम सिर्फ किस्त तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और भरोसे को और मजबूत करने का संदेश भी दिया गया. सीएम ने मंच से साफ कहा कि सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रतिबद्ध है. आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं और बढ़ी हुई राशि मिलने से उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखी.

1500 रुपये की बढ़ी किस्त से महिलाओं को बड़ी राहत

इस बार की 35वीं किस्त खास इसलिए रही क्योंकि महिलाओं को बढ़ी हुई 1500 रुपये की राशि मिली. पहले योजना के तहत 1250 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है. यह राशि महिलाओं के लिए सिर्फ आर्थिक मदद  नहीं, बल्कि घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई, राशन और छोटी बचत का बड़ा सहारा बन रही है. ऐसे में ये किस्त महिलाओं के हाथ में आर्थिक आत्मविश्वास देने वाली रकम है, जिससे वे अपने छोटे-बड़े फैसले खुद ले पा रही हैं.

eKYC और DBT अपडेट वालों को मिला सीधा फायदा

सरकार ने इस बार भी साफ किया कि जिन महिलाओं की eKYC, आधार लिंक और DBT स्थिति सही है, उन्हीं के खातों में राशि बिना किसी रुकावट पहुंची. जिनका समग्र रिकॉर्ड, बैंक लिंक या आधार अपडेट नहीं है, उन्हें पोर्टल पर जाकर स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए. लाड़ली बहना पोर्टल पर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति सेक्शन में आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालकर महिलाएं घर बैठे जान सकती हैं कि किस्त खाते में पहुंची या नहीं. इससे बैंक या दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती.

आष्टा से दिया सम्मान और भरोसे का संदेश

सीएम मोहन यादव ने आष्टा, जिला सीहोर से किस्त जारी करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ राशि भेजना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे परिवार और समाज में और सशक्त भूमिका निभा सकें. कार्यक्रम में महिलाओं ने इस पहल को सरकार के भरोसे और सम्मान की बड़ी सौगात बताया.

हर महीने परिवारों का मजबूत सहारा बन रही योजना

लाड़ली बहना योजना  अब मध्य प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए हर महीने का भरोसेमंद सहारा बन चुकी है. ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों की महिलाएं इस राशि का उपयोग राशन, बच्चों की फीस, दवा, छोटी बचत और स्वरोजगार जैसे कामों में कर रही हैं. कई महिलाएं इस रकम से अपने छोटे घरेलू कारोबार भी शुरू कर रही हैं, जिससे आत्मनिर्भरता और बढ़ रही है. ऐसे में योजना अब महिलाओं के हाथ में सम्मान के साथ आर्थिक ताकत देने वाली सबसे मजबूत योजनाओं में शामिल हो चुकी है.

Published: 12 Apr, 2026 | 04:11 PM

Topics: