पूर्वी भारत का कृषि रोडमैप जारी करेंगे कृषि मंत्री, बागवानी फसलों पर रहेगा फोकस
Regional Agriculture Conference: केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र के विकास, किसानों की कमाई में बढ़ोत्तरी के साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को और मजबूत करना है. कृषि रोडमैप में स्थानीय फसलों को जलवायु बदलावों से बचाव के तरीके और विधियों पर सुझाव शामिल होंगे.
पूर्वी भारत का कृषि रोडमैप केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान जारी करेंगे. रोडमैप में पूर्वी राज्यों के जलवायु अनुकूल फसलों की खेती की विधियां और नई तकनीकों के बारे में सुझाव शामिल होंगे, जिनका पालन कराया जाएगा. इससे किसानों को कम लागत में ज्यादा उपज हासिल करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा जलवायु बदलावों के साथ ही कीटों और बीमारियों से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी.
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन 19 मई 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में होने जा रहा है. इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे. जबकि, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी सहित विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री और किसान भी शामिल होंगे. यहां पेश किए जाने वाले कृषि रोडमैप में बागवानी फसलों पर फोकस रहेगा.
खेती-किसानी के लिए राज्य और केंद्र का सहयोग मजबूत होगा
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की कमाई में बढ़ोत्तरी के साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करना है. सम्मेलन के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा.
नकली खाद और सरकारी योजनाओं पर बात होगी
सम्मेलन के दौरान किसान रजिस्ट्री की प्रगति, बागवानी क्षेत्र की संभावनाएं, दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन (NMEO-OS), पीएम-आशा, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन, फार्म क्रेडिट एवं किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित मुद्दों पर विशेष चर्चा की जाएगी. इसके अलावा नकली कीटनाशकों एवं उर्वरकों पर नियंत्रण, उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा।
सफल कृषि पहलों को पेश करेंगे कृषि मंत्री
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों द्वारा कृषि क्षेत्र में अपनाई गई सफल पहलों एवं नवाचारों की प्रस्तुति भी दी जाएगी. ओडिशा राज्य कृषि विस्तार कार्यों, पश्चिम बंगाल बीज उत्पादन की श्रेष्ठ पद्धतियों, झारखंड एफपीओ आधारित मूल्य श्रृंखला एवं कृषि स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र तथा बिहार मक्का उत्पादन संबंधी सफल अनुभवों को साझा करेगा. यह सम्मेलन किसानों के हित में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान, नवाचारों के आदान-प्रदान तथा कृषि क्षेत्र के सतत विकास के लिए भविष्य की रणनीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा.